{"_id":"692df9fbdca3b4d3110e9002","slug":"bandipora-gurej-forest-fire-at-fifth-day-srinagar-news-c-10-lko1027-775637-2025-12-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: गुरेज में जंगल की भीषण आग ने हरी पट्टी को किया राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: गुरेज में जंगल की भीषण आग ने हरी पट्टी को किया राख
विज्ञापन
बांदीपोरा के गुरेज में लगी आग। संवाद
- एलओसी के पास पांच दिन से धधक रही है आग
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदीपोरा। गुरेज घाटी के बगटोर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के बेहद करीब पिछले पांच दिन से धधक रही जंगल की भीषण आग ने बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र को जलाकर राख कर दिया है। इससे गंभीर पर्यावरणीय क्षति पहुंची है।
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आग बुझाने का अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। अधिकांश फायर लाइनें सुरक्षित कर ली गई हैं। हालांकि कुछ हिस्सों में अभी भी धुआं उठ रहा है। यह आग इस सप्ताह की शुरुआत में फॉरेस्ट कम्पार्टमेंट 32 में शुरू हुई थी। तेज हवाओं तथा सूखी झाड़ियों के कारण देखते-ही-देखते पड़ोसी कम्पार्टमेंटों में फैल गई। प्रभावित क्षेत्र हिमालयी वन क्षेत्र जैव-विविधता से भरपूर है। प्रारंभिक दृश्य आकलन के अनुसार कैल सहित शंकुधारी जंगल को भारी नुकसान पहुंचा है। छोटी झाड़ियां, औषधीय जड़ी-बूटियां और वन्यजीवों के आवास भी बड़े पैमाने पर नष्ट हो गए हैं।
कठिन पर्वतीय इलाका और क्षेत्र की सामरिक संवेदनशीलता के कारण राहत कार्य जटिल रहे हैं। एलओसी के पास सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते अंधेरा होने के बाद सभी ऑपरेशन रोक दिए जाते हैं। सुबह पहली किरण के साथ ही काम फिर शुरू होता है। प्रभावित ढलानों तक कोई मोटर योग्य सड़क नहीं होने से फायर टेंडर या मशीनरी नहीं पहुंचाई जा सकी। टीमों को सिर्फ हाथ के औजारों और हाथ से काटी गई फायर लाइनों पर निर्भर रहना पड़ा।
विज्ञापन
वन अधिकारी जावेद इकबाल ने बताया कि वन विभाग, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय नागरिक कंधे से कंधा मिलाकर आग को जंगल की गहराई में फैलने से रोकने में जुटे हैं। उनके अनुसार पिछले 48 घंटों के समन्वित प्रयासों से कई सक्रिय मोर्चों को रोक लिया गया जिससे बड़ी तबाही टल गई। अगर मौसम शांत रहा तो शेष हिस्सों पर भी जल्द ही पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदीपोरा। गुरेज घाटी के बगटोर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के बेहद करीब पिछले पांच दिन से धधक रही जंगल की भीषण आग ने बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र को जलाकर राख कर दिया है। इससे गंभीर पर्यावरणीय क्षति पहुंची है।
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आग बुझाने का अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। अधिकांश फायर लाइनें सुरक्षित कर ली गई हैं। हालांकि कुछ हिस्सों में अभी भी धुआं उठ रहा है। यह आग इस सप्ताह की शुरुआत में फॉरेस्ट कम्पार्टमेंट 32 में शुरू हुई थी। तेज हवाओं तथा सूखी झाड़ियों के कारण देखते-ही-देखते पड़ोसी कम्पार्टमेंटों में फैल गई। प्रभावित क्षेत्र हिमालयी वन क्षेत्र जैव-विविधता से भरपूर है। प्रारंभिक दृश्य आकलन के अनुसार कैल सहित शंकुधारी जंगल को भारी नुकसान पहुंचा है। छोटी झाड़ियां, औषधीय जड़ी-बूटियां और वन्यजीवों के आवास भी बड़े पैमाने पर नष्ट हो गए हैं।
विज्ञापन
कठिन पर्वतीय इलाका और क्षेत्र की सामरिक संवेदनशीलता के कारण राहत कार्य जटिल रहे हैं। एलओसी के पास सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते अंधेरा होने के बाद सभी ऑपरेशन रोक दिए जाते हैं। सुबह पहली किरण के साथ ही काम फिर शुरू होता है। प्रभावित ढलानों तक कोई मोटर योग्य सड़क नहीं होने से फायर टेंडर या मशीनरी नहीं पहुंचाई जा सकी। टीमों को सिर्फ हाथ के औजारों और हाथ से काटी गई फायर लाइनों पर निर्भर रहना पड़ा।
विज्ञापन
वन अधिकारी जावेद इकबाल ने बताया कि वन विभाग, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय नागरिक कंधे से कंधा मिलाकर आग को जंगल की गहराई में फैलने से रोकने में जुटे हैं। उनके अनुसार पिछले 48 घंटों के समन्वित प्रयासों से कई सक्रिय मोर्चों को रोक लिया गया जिससे बड़ी तबाही टल गई। अगर मौसम शांत रहा तो शेष हिस्सों पर भी जल्द ही पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा।