{"_id":"62b0c27be866704ff72aecb0","slug":"the-robbery-happened-at-a-distance-of-a-hundred-meters-from-the-police-block-kathua-news-jmu262342793","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस नाके से सौ मीटर दूरी पर हुई लूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस नाके से सौ मीटर दूरी पर हुई लूट
विज्ञापन
पूछताछ के लिए बैंक के सिक्योरिटी गार्ड को लेकर जाती पुलिस। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। हटली मोड़ की एचडीएफसी बैंक शाखा से लुटेरों द्वारा लूटी गई कुछ राशि बैंक ब्रांच की छत से बरामद हो गई है। हालांकि इसके बाद भी वे एक करोड़ 65 लाख की राशि लूटने में सफल रहे। पुलिस की ओर से जांच में न सिर्फ बैंक ब्रांच बल्कि आसपास लगे सीसीटीवी को भी खंगाला जा रहा है। शहर के एक हिस्से में लूट की इस बड़ी वारदात ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं। दरअसल हटली मोड़ पर कठुआ पुलिस का नाका लगाया जाता है, जो बैंक शाखा से लगभग सौ मीटर की दूरी पर है। जहां से शहर में दाखिल होने वाले लोगों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की जाती है। बाकायदा पुलिस कर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाती है।
सूत्रों की मानें तो जिस तरह से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया है कि इससे साफ है कि लुटेरों ने पहले से रेकी कर रखी थी या फिर वारदात में किसी भीतरी व्यक्ति का भी हाथ हो सकता है। लुटेरों को संभवता यह भी जानकारी थी कि बैंक में सेफ की सुविधा नहीं है और रविवार की रात को सुनियोजित तरीके से लूट की गई। जिला पुलिस प्रमुख रमेश चंद्र कोतवाल ने बताया कि हटली मोड़ बैंक ब्रांच में लूट मामले में पुलिस जहां यह जांच कर रही है जरूरत से ज्यादा बैंक ब्रांच में राशि क्यूं रखी गई थी।
...............
अभी सुलझी नहीं है सुनार की दुकान पर लूट की वारदात
जिले में क्राइम का ग्राफ बेतहाशा बढ़ चुका है। हालात यह हैं कि इस साल जहां जिले में रिकार्ड चोरी की वारदातें सामने आई हैं, वहीं इनमें से अधिकतर को पुलिस रिकवर करने या चोरों तक पहुंचने में नाकाम रही है। कुछ सप्ताह पहले ही पंजाब से आए लुटेरों ने हीरानगर सब डिवीजन में सुनार की दुकान पर दिन दिहाड़े लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिनमें से दो लुटेरे धरे गए थे जबकि लूटी गई चांदी के साथ दो अन्य लुटेरे आज भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। इसी तरह से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में इस साल फरवरी से अबतक सामने आई चोरी की वारदातों में से दस फीसदी भी सुलझाई नहीं गई हैं। अधिकतर चोरी की वारदातों में मामले ही दर्ज नहीं है। पूर्व के मामलों में कार्रवाई न होने पर कई मामलों में लोग शिकायत के लिए भी आगे नहीं आए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो जिस तरह से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया है कि इससे साफ है कि लुटेरों ने पहले से रेकी कर रखी थी या फिर वारदात में किसी भीतरी व्यक्ति का भी हाथ हो सकता है। लुटेरों को संभवता यह भी जानकारी थी कि बैंक में सेफ की सुविधा नहीं है और रविवार की रात को सुनियोजित तरीके से लूट की गई। जिला पुलिस प्रमुख रमेश चंद्र कोतवाल ने बताया कि हटली मोड़ बैंक ब्रांच में लूट मामले में पुलिस जहां यह जांच कर रही है जरूरत से ज्यादा बैंक ब्रांच में राशि क्यूं रखी गई थी।
विज्ञापन
...............
अभी सुलझी नहीं है सुनार की दुकान पर लूट की वारदात
जिले में क्राइम का ग्राफ बेतहाशा बढ़ चुका है। हालात यह हैं कि इस साल जहां जिले में रिकार्ड चोरी की वारदातें सामने आई हैं, वहीं इनमें से अधिकतर को पुलिस रिकवर करने या चोरों तक पहुंचने में नाकाम रही है। कुछ सप्ताह पहले ही पंजाब से आए लुटेरों ने हीरानगर सब डिवीजन में सुनार की दुकान पर दिन दिहाड़े लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिनमें से दो लुटेरे धरे गए थे जबकि लूटी गई चांदी के साथ दो अन्य लुटेरे आज भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। इसी तरह से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में इस साल फरवरी से अबतक सामने आई चोरी की वारदातों में से दस फीसदी भी सुलझाई नहीं गई हैं। अधिकतर चोरी की वारदातों में मामले ही दर्ज नहीं है। पूर्व के मामलों में कार्रवाई न होने पर कई मामलों में लोग शिकायत के लिए भी आगे नहीं आए हैं।
विज्ञापन