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Kathua News: पंचतत्व में विलीन हुए प्रीतम सिंह, पार्थिव शरीर देख बेसुध हुई मां
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लखनपुर। पुंछ सेक्टर में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लखनपुर के मंझली निवासी राइफलमैन प्रीतम सिंह का पार्थिव शरीर वीरवार सुबह घर पहुंचा, जहां उनके अंतिम दर्शनों के लिए ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ गया। बेटे का पार्थिव शरीर सामने देखते ही मां बेसुध होकर गिर पड़ीं। बाद में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
हर कोई प्रीतम सिंह को याद कर आंसू बहा रहा था। उनका पार्थिव शरीर हटली मोड़ पहुंचते ही गांव के सैकड़ो युवाओं ने तिरंगे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर प्रीतम के सम्मान में तिरंगा रैली निकाली। इसमें ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा के साथ उनको नमन किया। प्रीतम के बड़े भाई भी जोर जोर से रो रहे थे। वहीं भाभी का भी रो रो कर बुरा हाल था। वह अपने देवर को देखने के लिए तड़पती नजर आईं। इसके साथ ही प्रीतम के चेचेरे भाई बहन भी रो रहे थे। वे सेना के जवानों से बार-बार अपने भाई का चेहरा दिखाने की बात कर रहे थे। वहीं प्रीतम सिंह का शव घर पहुंचने की खबर सुनते ही आसपास के गांव के लोग व पूर्व सैनिक भी उनके परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उनके घर पहुंचे। सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार करवाया। मुखाग्नि बड़े भाई ने दी और सेना के जवानों ने प्रीतम के पिता को तिरंगा सौंपा।
छोटे भाई से बार बार बात करने के लिए कहता रहा बड़ा भाई
छोटे भाई का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही बड़ा भाई जोर जोर से रोने लगा और चिल्लाते हुए अपने इकलौते भाई से बात करने के लिए कहता रहा। अपने छोटे भाई का चेहरा देख खुद पर नियंत्रण न रख पाते हुए बड़े भाई ने कहा, काका तुमने मुझसे झूठ बोला कि तुम मुझे छोड़कर नहीं जा सकते। तुमने मुझसे कहा था कि हम अगली बार एक साथ छुट्टी आएंगे। वहीं परिवार के लोगों ने बड़े भाई को ढांढस बंधाया।
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हर कोई प्रीतम सिंह को याद कर आंसू बहा रहा था। उनका पार्थिव शरीर हटली मोड़ पहुंचते ही गांव के सैकड़ो युवाओं ने तिरंगे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर प्रीतम के सम्मान में तिरंगा रैली निकाली। इसमें ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा के साथ उनको नमन किया। प्रीतम के बड़े भाई भी जोर जोर से रो रहे थे। वहीं भाभी का भी रो रो कर बुरा हाल था। वह अपने देवर को देखने के लिए तड़पती नजर आईं। इसके साथ ही प्रीतम के चेचेरे भाई बहन भी रो रहे थे। वे सेना के जवानों से बार-बार अपने भाई का चेहरा दिखाने की बात कर रहे थे। वहीं प्रीतम सिंह का शव घर पहुंचने की खबर सुनते ही आसपास के गांव के लोग व पूर्व सैनिक भी उनके परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उनके घर पहुंचे। सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार करवाया। मुखाग्नि बड़े भाई ने दी और सेना के जवानों ने प्रीतम के पिता को तिरंगा सौंपा।
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छोटे भाई से बार बार बात करने के लिए कहता रहा बड़ा भाई
छोटे भाई का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही बड़ा भाई जोर जोर से रोने लगा और चिल्लाते हुए अपने इकलौते भाई से बात करने के लिए कहता रहा। अपने छोटे भाई का चेहरा देख खुद पर नियंत्रण न रख पाते हुए बड़े भाई ने कहा, काका तुमने मुझसे झूठ बोला कि तुम मुझे छोड़कर नहीं जा सकते। तुमने मुझसे कहा था कि हम अगली बार एक साथ छुट्टी आएंगे। वहीं परिवार के लोगों ने बड़े भाई को ढांढस बंधाया।
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