{"_id":"67f181b60d8a18113d068ddb","slug":"pure-food-produces-pure-thoughts-gayatri-devi-kathua-news-c-201-1-knt1002-118947-2025-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुद्ध आहार से शुद्ध विचार उत्पन्न होते हैं : गायत्री देवी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुद्ध आहार से शुद्ध विचार उत्पन्न होते हैं : गायत्री देवी
Sun, 06 Apr 2025 12:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 06 Apr 2025 12:47 AM IST
विज्ञापन
श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह में उपस्थित लोग। संवाद
- फोटो : kathua
हीरानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव करोल में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान कार्यक्रम के चौथे दिन शनिवार को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और कथावाचक गायत्री देवी ने प्रवचन दिए।
चौथे दिन की कथा में कथावाचक ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं और उनके अलौकिक चरित्र का वर्णन किया। विशेष रूप से भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव और उनके द्वारा किए गए अद्भुत कार्यों, जैसे पूतना वध और गोवर्धन पर्वत की लीला पर प्रकाश डाला। कथावाचक ने श्रोताओं को संदेश दिया कि शुद्ध आहार से शुद्ध विचार उत्पन्न होते हैं। कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्य भारत भूषण ने बताया कि यह कथा सप्ताह गांव के लोगों के लिए न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि समाज में नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का भी एक प्रयास है।
विज्ञापन
चौथे दिन की कथा में कथावाचक ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं और उनके अलौकिक चरित्र का वर्णन किया। विशेष रूप से भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव और उनके द्वारा किए गए अद्भुत कार्यों, जैसे पूतना वध और गोवर्धन पर्वत की लीला पर प्रकाश डाला। कथावाचक ने श्रोताओं को संदेश दिया कि शुद्ध आहार से शुद्ध विचार उत्पन्न होते हैं। कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्य भारत भूषण ने बताया कि यह कथा सप्ताह गांव के लोगों के लिए न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि समाज में नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का भी एक प्रयास है।
विज्ञापन