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Kathua News: बोरवेल के कनेक्शन को लेकर हुआ विवाद, दो पक्ष आमने-सामने
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कठुआ। शहर के वार्ड नंबर-7 में सरकारी बोरवेल से घरों तक पानी पहुंचाने के लिए बिछाई गई पाइपलाइन को लेकर शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया। पाइपलाइन हटाने और बोरवेल बंद करने की कार्रवाई की सूचना पर स्थानीय लोग विरोध में उतर आए। प्रदर्शन के बाद भूजल विभाग के अधिकारियों के साथ नायब तहसीलदार और थाना कठुआ की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने लोगों को बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकालने का आश्वासन दिया, जिसके बाद फिलहाल मामला शांत हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार भूजल विभाग ने कुछ समय पहले वार्ड में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए बोरवेल स्थापित किया था। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने आपस में धन एकत्र कर अपने-अपने घरों तक पानी की पाइपलाइन बिछवाई। लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन जमीन के नीचे डालने के बजाय ऊपर से बिछाई गई, जिससे आए दिन रिसाव होने के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है।
शुक्रवार को देवेंद्र सिंह उर्फ सन्नी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने बोरवेल बंद करने की कार्रवाई का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह बोरवेल मोहल्ले के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत है और इसे बंद करने से कई परिवारों के सामने पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
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देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि घरों तक कनेक्शन देने के नाम पर कुछ लोगों से दो हजार से सात हजार रुपये तक लिए गए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और यदि किसी से राशि ली गई है तो उसका हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं, पूर्व पार्षद अनिरुद्ध शर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बोरवेल विधायक की निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि से लगाया गया था और पाइपलाइन व घरों तक कनेक्शन का खर्च स्थानीय लोगों ने अपनी सहमति से उठाया था। उनके अनुसार सड़क और गली की खुदाई को लेकर मंदिर के महंत की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद भूजल विभाग ने बोरवेल बंद करने की कार्रवाई शुरू की। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की पानी की आपूर्ति बंद नहीं होनी चाहिए और विवाद का समाधान बातचीत से किया जाना चाहिए।
स्थानीय निवासी महेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने भी अपने खर्च पर पानी का कनेक्शन लिया है। उन्होंने मांग की कि जिन परिवारों और धार्मिक स्थलों को अभी तक कनेक्शन नहीं मिला है, उन्हें भी पेयजल उपलब्ध कराया जाए। मौके पर मौजूद महिलाओं ने भी पानी की नियमित आपूर्ति जारी रखने की मांग की।
भूजल विभाग के अधिकारियों ने लोगों को बताया कि बोरवेल बंद करने की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते मौके पर स्थिति को देखते हुए तत्काल कोई कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कर आपसी सहमति से समाधान निकाला जाएगा।
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स्थानीय लोगों के अनुसार भूजल विभाग ने कुछ समय पहले वार्ड में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए बोरवेल स्थापित किया था। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने आपस में धन एकत्र कर अपने-अपने घरों तक पानी की पाइपलाइन बिछवाई। लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन जमीन के नीचे डालने के बजाय ऊपर से बिछाई गई, जिससे आए दिन रिसाव होने के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है।
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शुक्रवार को देवेंद्र सिंह उर्फ सन्नी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने बोरवेल बंद करने की कार्रवाई का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह बोरवेल मोहल्ले के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत है और इसे बंद करने से कई परिवारों के सामने पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
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देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि घरों तक कनेक्शन देने के नाम पर कुछ लोगों से दो हजार से सात हजार रुपये तक लिए गए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और यदि किसी से राशि ली गई है तो उसका हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं, पूर्व पार्षद अनिरुद्ध शर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बोरवेल विधायक की निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि से लगाया गया था और पाइपलाइन व घरों तक कनेक्शन का खर्च स्थानीय लोगों ने अपनी सहमति से उठाया था। उनके अनुसार सड़क और गली की खुदाई को लेकर मंदिर के महंत की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद भूजल विभाग ने बोरवेल बंद करने की कार्रवाई शुरू की। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की पानी की आपूर्ति बंद नहीं होनी चाहिए और विवाद का समाधान बातचीत से किया जाना चाहिए।
स्थानीय निवासी महेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने भी अपने खर्च पर पानी का कनेक्शन लिया है। उन्होंने मांग की कि जिन परिवारों और धार्मिक स्थलों को अभी तक कनेक्शन नहीं मिला है, उन्हें भी पेयजल उपलब्ध कराया जाए। मौके पर मौजूद महिलाओं ने भी पानी की नियमित आपूर्ति जारी रखने की मांग की।
भूजल विभाग के अधिकारियों ने लोगों को बताया कि बोरवेल बंद करने की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते मौके पर स्थिति को देखते हुए तत्काल कोई कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कर आपसी सहमति से समाधान निकाला जाएगा।