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पीएचई कर्मियों का धरना-प्रदर्शन जारी
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कठुआ। डेलीवेजरों ने पीएचई विभाग के कार्यकारी अभियंता के कार्यालय में आत्मदाह का प्रयास करने वाले कर्मी को थप्पड़ मारने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जल्द कर्मियों को पांच वर्ष का वेतन जारी करने की भी गुहार लगाई है।
शुक्रवार को पीएचई विभाग के अस्थाई कर्मी यूनियन के राज्य प्रधान तनवीर हुसैन ने हड़ताली कर्मियों का समर्थन करते हुए कहा कि जिस विभाग के लिए कर्मियों ने 25 से 30 वर्ष कार्य किया है वहीं विभाग अनदेखी कर रहा है। मांगों के समर्थन में जब निराश कर्मी ऐसे कदम उठाते हैं तो उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाता है। अपने हक की आवाज को बुलंद कर रहे इन कर्मियों को प्रताड़ित किया जाता है। उन पर हाथ उठाया जाता है और कई घंटों तक थाने में बिठाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की भी धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि यूनियन कर्मियों के साथ है। उन्होंने राज्य के तमाम विभागों में कार्यरत अस्थाई कर्मियों से आह्वान करते सोमवार को थप्पड़ मारने वाले कर्मी के खिलाफ जम्मू में जोरदार प्रदर्शन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी प्रकार के हालात खराब होने पर पूरी जिम्मेदारी सरकार की रहेगी।
यूनियन के जिला प्रधान शिवनारायण ने कहा कि जिला उपायुक्त ने बैकडोर एंट्री का हवाला देकर उनकी मांगों को निराधार बताया है। ऐसे में परेशान कर्मी आत्मदाह जैसा ही कदम उठाएंगे। वहीं, सुबह अनशन पर बैठे कर्मियों में से एक ही हालत फिर बिगड़ गई, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सनद रहे कि आठ जुलाई से विभाग के अस्थाई कर्मी आमरण अनशन पर बैठे हैं।
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शुक्रवार को पीएचई विभाग के अस्थाई कर्मी यूनियन के राज्य प्रधान तनवीर हुसैन ने हड़ताली कर्मियों का समर्थन करते हुए कहा कि जिस विभाग के लिए कर्मियों ने 25 से 30 वर्ष कार्य किया है वहीं विभाग अनदेखी कर रहा है। मांगों के समर्थन में जब निराश कर्मी ऐसे कदम उठाते हैं तो उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाता है। अपने हक की आवाज को बुलंद कर रहे इन कर्मियों को प्रताड़ित किया जाता है। उन पर हाथ उठाया जाता है और कई घंटों तक थाने में बिठाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की भी धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि यूनियन कर्मियों के साथ है। उन्होंने राज्य के तमाम विभागों में कार्यरत अस्थाई कर्मियों से आह्वान करते सोमवार को थप्पड़ मारने वाले कर्मी के खिलाफ जम्मू में जोरदार प्रदर्शन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी प्रकार के हालात खराब होने पर पूरी जिम्मेदारी सरकार की रहेगी।
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यूनियन के जिला प्रधान शिवनारायण ने कहा कि जिला उपायुक्त ने बैकडोर एंट्री का हवाला देकर उनकी मांगों को निराधार बताया है। ऐसे में परेशान कर्मी आत्मदाह जैसा ही कदम उठाएंगे। वहीं, सुबह अनशन पर बैठे कर्मियों में से एक ही हालत फिर बिगड़ गई, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सनद रहे कि आठ जुलाई से विभाग के अस्थाई कर्मी आमरण अनशन पर बैठे हैं।
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