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Kathua News: कठुआ की तीन लाख 13 हजार 645 कनाल 12 मरला भूमि पर अवैध कब्जा
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- कठुआ और जसरोटा में 4,729 कनाल 19.33 मरला कृषि भूमि को औद्योगिक उपयोग के लिए परिवर्तित किया गया
- विधायक जसरोटिया के सवाल का जम्मू-कश्मीर सरकार ने दिया जवाब
विधानसभा सत्र का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कठुआ और जसरोटा में 4,729 कनाल 19.33 मरले कृषि भूमि को औद्योगिक और 559 कनाल 17.18 मरला भूमि को व्यावसायिक उपयोग के लिए परिवर्तित किया गया है। विधायक राजीव जसरोटिया की ओर से विधानसभा सत्र में पूछे गए सवाल के जवाब में जम्मू-कश्मीर सरकार ने यह जानकारी उपलब्ध करवाई है।
इसके साथ-साथ राज्य भूमि पर अवैध कब्जे के मुद्दे पर सरकार ने खुलासा किया कि कठुआ के घाटी, भागथली और कोटपुन्नू जैसे क्षेत्रों को अवैध कब्जे के हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना गया है। अब तक 15 लाख 39 हजार 662 कनाल 15 मरला भूमि को फिर से हासिल किया गय है। वहीं तीन लाख 13 हजार 645 कनाल 12 मरला भूमि अभी भी अवैध कब्जे में है। इस भूमि का अनुमानित मूल्य 18,049.6 करोड़ है। सरकार ने आश्वासन दिया कि शेष भूमि को पुनः प्राप्त करने के लिए बेदखली प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राज्य भूमि के आवंटन के संबंध में सरकार ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक संपदाओं की स्थापना के लिए किसी भी निजी व्यक्ति को राज्य भूमि हस्तांतरित नहीं की गई है। हालांकि, विभिन्न जिलों में 12,260 कनाल 03 मरला भूमि को उद्योग और वाणिज्य विभाग को उनके अनुरोध पर आवंटित किया गया है। इसके अलावा, 129 कनाल राज्य भूमि को पीएमएवाई (जी) लाभार्थियों को पट्टे पर दिया गया है।
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- विधायक जसरोटिया के सवाल का जम्मू-कश्मीर सरकार ने दिया जवाब
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कठुआ और जसरोटा में 4,729 कनाल 19.33 मरले कृषि भूमि को औद्योगिक और 559 कनाल 17.18 मरला भूमि को व्यावसायिक उपयोग के लिए परिवर्तित किया गया है। विधायक राजीव जसरोटिया की ओर से विधानसभा सत्र में पूछे गए सवाल के जवाब में जम्मू-कश्मीर सरकार ने यह जानकारी उपलब्ध करवाई है।
इसके साथ-साथ राज्य भूमि पर अवैध कब्जे के मुद्दे पर सरकार ने खुलासा किया कि कठुआ के घाटी, भागथली और कोटपुन्नू जैसे क्षेत्रों को अवैध कब्जे के हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना गया है। अब तक 15 लाख 39 हजार 662 कनाल 15 मरला भूमि को फिर से हासिल किया गय है। वहीं तीन लाख 13 हजार 645 कनाल 12 मरला भूमि अभी भी अवैध कब्जे में है। इस भूमि का अनुमानित मूल्य 18,049.6 करोड़ है। सरकार ने आश्वासन दिया कि शेष भूमि को पुनः प्राप्त करने के लिए बेदखली प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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राज्य भूमि के आवंटन के संबंध में सरकार ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक संपदाओं की स्थापना के लिए किसी भी निजी व्यक्ति को राज्य भूमि हस्तांतरित नहीं की गई है। हालांकि, विभिन्न जिलों में 12,260 कनाल 03 मरला भूमि को उद्योग और वाणिज्य विभाग को उनके अनुरोध पर आवंटित किया गया है। इसके अलावा, 129 कनाल राज्य भूमि को पीएमएवाई (जी) लाभार्थियों को पट्टे पर दिया गया है।
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