फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   door to door campaign

Kathua News: कार्यपालक एजेंसी ने जमा नहीं करवाई सिक्योरिटी, दो माह बाद अभियान बंद

Sun, 18 Feb 2024 01:35 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Sun, 18 Feb 2024 01:35 AM IST
विज्ञापन
door to door campaign
नगर परिषद ने गत 5 दिसंबर को शहर से शुरू करवाया था डोर-टू-डोर कचरा उठाने का कामसंवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में शुरू किया डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन का अभियान दो महीने में ही दम तोड़ गया। कार्यपालक एजेंसी ने लोगों के घरों से कचरा उठाना बंद कर दिया है। इसका कारण कार्यपालक एजेंसी का सिक्योरिटी जमा न करवाना और यूजर चार्जेस कलेक्ट न करना बताया जा रहा है। इसके बाद स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर ने कंपनी से करार रद्द करने के आदेश जारी किए।
बता दें, नगर परिषद ने गत 5 दिसंबर को शहर से डोर-टू-डोर कचरा उठाने का काम शुरू किया था। इसके लिए हरियाणा की कंपनी श्री शाइमा को कार्यपालक एजेंसी के तौर पर काम सौंपा गया था। इसमें 5 दिसंबर को पहले 12 वार्ड और 15 दिसंबर से पूरे 21 वार्डों के घरों से कचरा उठाने का काम शुरू किया गया था। दावा किया गया था कि शहरवासियों को कहीं डस्टबिन या कचरे का ढेर दिखाई नहीं देगा। काफी हद तक शहर में सुधार देखने को भी मिला। मगर, अब योजना ठप होने के पहले ही दिन शहर में सड़कों किनारे कचरे के ढेर दिखने शुरू हो गए हैं।6 लाख थी सिक्योरिटी, 2 लाख की जमा करवाई थी सीडीआर
विज्ञापन

विभागीय सूत्रों ने बताया कि टेंडर अलॉटमेंट से पहले कंपनी ने दो लाख रुपए जमा करवाए थे। लेकिन, इसके बाद जमा होने वाली 6 लाख रुपए सिक्योरिटी 2 महीने बाद भी जमा नहीं करवाई थी। इसके अलावा, शहर से निर्धारित यूजर चार्जेस भी इकट्ठा नहीं किया गया। जबकि, नगर परिषद उन्हें हर माह प्रति वार्ड 46620 रुपए अदा कर रहा था। खामियों के चलते स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर ने कार्यपालक एजेंसी से किया गया करार रद्द कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी को काम बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

2021 में भी ठेकेदार कंपनी ने छोड़ दिया था काम
2021 में नगर परिषद ने घर-घर कचरा कचरा उठाने की मुहिम शुरू की थी। कंपनी को ठेका दिया गया था, लेकिन एक माह बाद ही काम छोड़ गई। इसके बाद लगातार नगर परिषद की ओर से निविधा प्रक्रिया शुरु की गई। मगर, ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई। लगातार दो साल घर-घर से कचरा उठाने की योजना निविधा प्रक्रिया से आगे नहीं बढ़ पाई। इससे शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसा भी नहीं है कि 21 वार्डों के विकास को पोषित करने वाले नगर परिषद के पास संसाधनों की कोई कमी है। संसाधन पर्याप्त हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह जाती हैं।

परिषद अपने स्तर पर चलाएगा मुहिम : सीईओ
डायरेक्टर लोकल बॉडी के आदेश के बाद कंपनी से करार रद्द कर दिया गया है। कंपनी में डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन का काम स्थानीय लोग ही कर रहे थे। अब नगर परिषद सोमवार से अपने स्तर पर उन्हीं कर्मचारियों से यह मुहिम शुरू करेगा। ताकि, शहर की सड़कें इसी तरह साफ सुथरी रहें। यूजर चार्जेस भी अब नगर परिषद के कर्मचारी ही एकत्रित करेंगे।
जोधराज भगत, ईओ नगर परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed