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Kathua News: नए शैक्षणिक सत्र में छठी, नौवीं और दसवीं की पाठ्य पुस्तकों के दाम आधे
Mon, 28 Apr 2025 01:19 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 28 Apr 2025 01:19 AM IST
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- गणित विषय की तरह अन्य पाठ्य पुस्तकों के मूल्य में कमी किए जाने की मांग
- गत वर्ष से जम्मू-कश्मीर शिक्षा बोर्ड ने सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों को ही पाठ्यक्रम का हिस्सा था बनाया
कठुआ। जम्मू-कश्मीर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही छठी, नौवीं और दसवीं कक्षा की पाठ्य पुस्तकों की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इससे छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है।
दरअसल, गत वर्ष से जम्मू-कश्मीर शिक्षा बोर्ड ने सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य किया था। इस बदलाव का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सस्ता और सभी छात्रों के लिए सुलभ बनाना है। गत वर्ष से शुरू होने वाली व्यवस्था के तहत इस बार गणित विषय की पुस्तकों के मूल्य में कमी की गई है। इसमें छठी कक्षा की जो पाठ्य पुस्तक गत वर्ष 148 रुपये में उपलब्ध कराई गई थी वह इस बार 92 रुपये में मिल रही है। इसी तरह गत 250 रुपये में मिलने वाली नौवीं कक्षा की पाठ्य पुस्तक इस बार 100 रूपया और दसवीं कक्षा की 270 रुपये वाली पाठ्य पुस्तक 131 रुपये में उपलब्ध हो रही है। मगर गणित को छोड़कर अन्य विषयों की पुस्तकों के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। संवाद
गणित विषय की पुस्तकों के मूल्य में की गई कमी अच्छा फैसला है, लेकिन इसे अन्य पाठ्य पुस्तकों पर भी लागू किए जाने की जरूरत है। शिक्षा हर किसी का मूलभूत अधिकार है, मगर महंगी शिक्षा के कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। खासकर निजी स्कूलों में स्थिति में भी कोई सुधार नहीं हो रहा है।
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अमरनाथ, सेवानिवृत्त लेक्चरर
सरकार से अनुरोध है कि अन्य विषयों की पुस्तकों के मूल्य में भी कमी की जाए। सभी कक्षाओं और विषयों के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण पाठ्य सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि कोई भी छात्र आर्थिक बाधाओं के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
दर्शन लाल, अभिभावक
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- गत वर्ष से जम्मू-कश्मीर शिक्षा बोर्ड ने सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों को ही पाठ्यक्रम का हिस्सा था बनाया
कठुआ। जम्मू-कश्मीर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही छठी, नौवीं और दसवीं कक्षा की पाठ्य पुस्तकों की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इससे छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है।
दरअसल, गत वर्ष से जम्मू-कश्मीर शिक्षा बोर्ड ने सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य किया था। इस बदलाव का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सस्ता और सभी छात्रों के लिए सुलभ बनाना है। गत वर्ष से शुरू होने वाली व्यवस्था के तहत इस बार गणित विषय की पुस्तकों के मूल्य में कमी की गई है। इसमें छठी कक्षा की जो पाठ्य पुस्तक गत वर्ष 148 रुपये में उपलब्ध कराई गई थी वह इस बार 92 रुपये में मिल रही है। इसी तरह गत 250 रुपये में मिलने वाली नौवीं कक्षा की पाठ्य पुस्तक इस बार 100 रूपया और दसवीं कक्षा की 270 रुपये वाली पाठ्य पुस्तक 131 रुपये में उपलब्ध हो रही है। मगर गणित को छोड़कर अन्य विषयों की पुस्तकों के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। संवाद
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गणित विषय की पुस्तकों के मूल्य में की गई कमी अच्छा फैसला है, लेकिन इसे अन्य पाठ्य पुस्तकों पर भी लागू किए जाने की जरूरत है। शिक्षा हर किसी का मूलभूत अधिकार है, मगर महंगी शिक्षा के कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। खासकर निजी स्कूलों में स्थिति में भी कोई सुधार नहीं हो रहा है।
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अमरनाथ, सेवानिवृत्त लेक्चरर
सरकार से अनुरोध है कि अन्य विषयों की पुस्तकों के मूल्य में भी कमी की जाए। सभी कक्षाओं और विषयों के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण पाठ्य सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि कोई भी छात्र आर्थिक बाधाओं के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
दर्शन लाल, अभिभावक