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खैर घोटाले की जांच के लिए सिट गठित
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:32 AM IST
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कठुआ।
खैर की बड़े पैमाने पर हुई अवैध कटाई, खरीद और कत्था उत्पाद में बड़े पैमाने पर घोटाले की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (सिट) का गठन कर दिया गया है। कठुआ में एडिशनल एसपी संजय परिहार और सांबा में इकाइयों के रिकार्ड और जब्त माल की जांच के लिए एडिशनल एसपी पीसीआर के नेतृत्व में सिट काम करेगी।
आईजीपी जम्मू एसडी सिंह जमवाल ने बताया कि घोटाले की जांच के लिए काम जारी है। फिलहाल सिट गठित की गई है, जो खैर की कटाई की बड़े पैमाने पर हुई कटाई और इसके पीछे काम कर रहे गिरोह के संबंध में जांच करेगी। पुलिस ने वन विभाग से भी तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भेजने को कहा है, जो जब्त किए गए माल को मापने का काम करेगी। इसमें रेंज अधिकारी के साथ वन विभाग के कई अन्य कर्मचारियों को शामिल कर इकाइयों में जब्त किए गए खैर की लकड़ी की पैमाइश की जाएगी।
गौरतलब है कि खैर की कटाई, बिक्री और खरीद में करोड़ों के घोटाले की जांच शुक्रवार को शुरू हुई थी, जिसमें सांबा में एक और कठुआ में दो कत्था उत्पादक इकाइयों को सील कर दिया गया था। लखनपुर थाना में एफआईआर संख्या 29/2018 में आरपीसी की धारा 420, 409, 120 बी आरपीसी और 6/15/16 फारेस्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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पुलिस के पास शिकायत आई थी, उसके बाद कुछ एक्शन किया गया है। वन विभाग के कुछ लोगों को भी जांच में शामिल किए जाने के बारे में जानकारी है।
-डॉ. निर्मल सिंह, उप मुख्यमंत्री
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खैर की बड़े पैमाने पर हुई अवैध कटाई, खरीद और कत्था उत्पाद में बड़े पैमाने पर घोटाले की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (सिट) का गठन कर दिया गया है। कठुआ में एडिशनल एसपी संजय परिहार और सांबा में इकाइयों के रिकार्ड और जब्त माल की जांच के लिए एडिशनल एसपी पीसीआर के नेतृत्व में सिट काम करेगी।
आईजीपी जम्मू एसडी सिंह जमवाल ने बताया कि घोटाले की जांच के लिए काम जारी है। फिलहाल सिट गठित की गई है, जो खैर की कटाई की बड़े पैमाने पर हुई कटाई और इसके पीछे काम कर रहे गिरोह के संबंध में जांच करेगी। पुलिस ने वन विभाग से भी तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भेजने को कहा है, जो जब्त किए गए माल को मापने का काम करेगी। इसमें रेंज अधिकारी के साथ वन विभाग के कई अन्य कर्मचारियों को शामिल कर इकाइयों में जब्त किए गए खैर की लकड़ी की पैमाइश की जाएगी।
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गौरतलब है कि खैर की कटाई, बिक्री और खरीद में करोड़ों के घोटाले की जांच शुक्रवार को शुरू हुई थी, जिसमें सांबा में एक और कठुआ में दो कत्था उत्पादक इकाइयों को सील कर दिया गया था। लखनपुर थाना में एफआईआर संख्या 29/2018 में आरपीसी की धारा 420, 409, 120 बी आरपीसी और 6/15/16 फारेस्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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पुलिस के पास शिकायत आई थी, उसके बाद कुछ एक्शन किया गया है। वन विभाग के कुछ लोगों को भी जांच में शामिल किए जाने के बारे में जानकारी है।
-डॉ. निर्मल सिंह, उप मुख्यमंत्री