{"_id":"67831aad7ccabb551407dc64","slug":"bjp-national-secretary-tarun-chug-visit-hiranagar-kathua-news-c-201-1-knt1002-116468-2025-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक निशान, एक विधान, एक प्रधान सिर्फ नारा नहीं देश की तीसरी आजादी का मंत्र था : चुघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक निशान, एक विधान, एक प्रधान सिर्फ नारा नहीं देश की तीसरी आजादी का मंत्र था : चुघ
विज्ञापन
हीरानगर में शहीदी दिवस कार्यक्रम के दौरान श्रद्धासुमन अर्पित करते भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- हीरानगर समाधियां स्थल पर भीखम सिंह, बिहारी लाल को दी श्रद्धांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। एक निशान, एक विधान, एक प्रधान सिर्फ एक नारा नहीं था, यह देश की तीसरी आजादी का मंत्र था। देश की पहली लड़ाई 1857 स्वतंत्रता संग्राम में लड़ी गई। दूसरी लड़ाई 1947 में लड़ी गई और एक विधान, एक संविधान और एक निशान आजादी की तीसरी लड़ाई थी। जिसमें हीरानगर के लोगों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी।
यह शब्द भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं जम्मू-कश्मीर के प्रभारी तरुण चुघ ने हीरानगर में समाधियां स्थल पर आयोजित शहीदी दिवस कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय विधायक विजय शर्मा की ओर से किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सतपाल शर्मा भी मौजूद रहे।
भाजपा के राष्ट्रीय नेता तरुण चुघ ने एक निशान, एक संविधान व एक विधान की मांग को लेकर 1953 के आंदोलन में शहीद हुए भीखम सिंह और बिहारी लाल की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। संबोधन में कहा 1953 के प्रजा परिषद के आंदोलन कभी नहीं भुलाया जा सकता है। आज उन्हीं की बदौलत जम्मू-कश्मीर पूर्ण रूप से भारत का हिस्सा है। कहा जहां पहले तिरंगा उठाने और भारत माता की जय कहने पर लोगों पर अत्याचार किए जाते थे आज वहीं हर हाथ में तिरंगा है। यह उन बलिदानियों की जीत है जिन्होंने तिरंगे के लिए अपनी जान दी।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान जसरोटा के विधायक राजीव जारोटिया, कठुआ के विधायक भारत भूषण, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप राज, जिला विकास परिषद के सदस्य अभिनंदन शर्मा, जिला विकास परिषद के सदस्य कर्ण अत्री आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। एक निशान, एक विधान, एक प्रधान सिर्फ एक नारा नहीं था, यह देश की तीसरी आजादी का मंत्र था। देश की पहली लड़ाई 1857 स्वतंत्रता संग्राम में लड़ी गई। दूसरी लड़ाई 1947 में लड़ी गई और एक विधान, एक संविधान और एक निशान आजादी की तीसरी लड़ाई थी। जिसमें हीरानगर के लोगों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी।
यह शब्द भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं जम्मू-कश्मीर के प्रभारी तरुण चुघ ने हीरानगर में समाधियां स्थल पर आयोजित शहीदी दिवस कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय विधायक विजय शर्मा की ओर से किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सतपाल शर्मा भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय नेता तरुण चुघ ने एक निशान, एक संविधान व एक विधान की मांग को लेकर 1953 के आंदोलन में शहीद हुए भीखम सिंह और बिहारी लाल की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। संबोधन में कहा 1953 के प्रजा परिषद के आंदोलन कभी नहीं भुलाया जा सकता है। आज उन्हीं की बदौलत जम्मू-कश्मीर पूर्ण रूप से भारत का हिस्सा है। कहा जहां पहले तिरंगा उठाने और भारत माता की जय कहने पर लोगों पर अत्याचार किए जाते थे आज वहीं हर हाथ में तिरंगा है। यह उन बलिदानियों की जीत है जिन्होंने तिरंगे के लिए अपनी जान दी।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान जसरोटा के विधायक राजीव जारोटिया, कठुआ के विधायक भारत भूषण, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप राज, जिला विकास परिषद के सदस्य अभिनंदन शर्मा, जिला विकास परिषद के सदस्य कर्ण अत्री आदि मौजूद रहे।

पर्चा दिखाता विनोद।

पर्चा दिखाता विनोद।

पर्चा दिखाता विनोद।