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Una News: खनन चेक पोस्ट को चकमा देकर शॉर्टकट रास्तों का इस्तेमाल
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मालवाहक वाहन गुजरने के बजाय शॉर्टकट रास्तों से पंजाब में कर रहे प्रवेश
सरकार को हो रहा राजस्व का नुकसान
विभाग की चेक पोस्ट को शिफ्ट करने की योजना आज तक नहीं चढ़ी सिरे
विजय राणा
टाहलीवाल (ऊना)। हिमाचल-पंजाब सीमा पर खनन रोकने के मकसद से स्थापित पांच चेक पोस्टों में से बाथड़ी और मैहतपुर अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहे हैं। बाथड़ी चेक पोस्ट से मालवाहक वाहन गुजरने के बजाय शॉर्टकट रास्तों से पंजाब में प्रवेश कर रहे हैं। खनन माफिया बाथड़ी चेक पोस्ट को नजरअंदाज करते हुए गढ़शंकर रोड के स्थान पर कलमा मोड़ और खूही मोड़ जैसे शॉर्टकट मार्गों का उपयोग कर रहे हैं। इन रास्तों पर निगरानी का अभाव है, जिससे रेत और बजरी से लदे कई वाहन अन्य राज्यों को बिना एम फार्म और बिना किसी रोक टोक निकल रहे हैं। चेक पोस्ट की अनदेखी और वैकल्पिक मार्गों के उपयोग से सरकार को खनन राजस्व में भारी क्षति हो रही है। चेक पोस्ट पर तैनात कर्मचारी निरीक्षण के लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन वाहनों की आवाजाही न के बराबर है। हरोली और आसपास के क्षेत्रों में खनन माफिया सक्रिय है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। लगातार विरोध के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। पोलियां, पंडोगा और गगरेट चेक पोस्ट अपेक्षाकृत बेहतर कार्य कर रही हैं। वहीं, बाथड़ी और मैहतपुर में स्थिति असंतोषजनक है। खनन चेक पोस्टों का उद्देश्य ओवरलोड वाहनों और खनन पर रोक लगाना है। यहां भार तौलने की मशीनें और एम फार्म जांच की सुविधा है। बावजूद इसके शॉर्टकट मार्गों की वजह से यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। जिला खनन अधिकारी नीरजकांत का कहना है कि बाथड़ी चेक पोस्ट को ऐसी जगह शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है, जहां से सभी वाहन गुजरें लेकिन हैरत की बात यह है कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। रोजाना सैकड़ों ओवरलोड वाहन जा रहे हैं। इसके अलावा शॉर्टकट मार्गों पर सख्त निगरानी की आवश्यकता है। सरकार को इन चेक पोस्टों की उपयोगिता सुनिश्चित करने और खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
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सरकार को हो रहा राजस्व का नुकसान
विभाग की चेक पोस्ट को शिफ्ट करने की योजना आज तक नहीं चढ़ी सिरे
विजय राणा
टाहलीवाल (ऊना)। हिमाचल-पंजाब सीमा पर खनन रोकने के मकसद से स्थापित पांच चेक पोस्टों में से बाथड़ी और मैहतपुर अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहे हैं। बाथड़ी चेक पोस्ट से मालवाहक वाहन गुजरने के बजाय शॉर्टकट रास्तों से पंजाब में प्रवेश कर रहे हैं। खनन माफिया बाथड़ी चेक पोस्ट को नजरअंदाज करते हुए गढ़शंकर रोड के स्थान पर कलमा मोड़ और खूही मोड़ जैसे शॉर्टकट मार्गों का उपयोग कर रहे हैं। इन रास्तों पर निगरानी का अभाव है, जिससे रेत और बजरी से लदे कई वाहन अन्य राज्यों को बिना एम फार्म और बिना किसी रोक टोक निकल रहे हैं। चेक पोस्ट की अनदेखी और वैकल्पिक मार्गों के उपयोग से सरकार को खनन राजस्व में भारी क्षति हो रही है। चेक पोस्ट पर तैनात कर्मचारी निरीक्षण के लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन वाहनों की आवाजाही न के बराबर है। हरोली और आसपास के क्षेत्रों में खनन माफिया सक्रिय है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। लगातार विरोध के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। पोलियां, पंडोगा और गगरेट चेक पोस्ट अपेक्षाकृत बेहतर कार्य कर रही हैं। वहीं, बाथड़ी और मैहतपुर में स्थिति असंतोषजनक है। खनन चेक पोस्टों का उद्देश्य ओवरलोड वाहनों और खनन पर रोक लगाना है। यहां भार तौलने की मशीनें और एम फार्म जांच की सुविधा है। बावजूद इसके शॉर्टकट मार्गों की वजह से यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। जिला खनन अधिकारी नीरजकांत का कहना है कि बाथड़ी चेक पोस्ट को ऐसी जगह शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है, जहां से सभी वाहन गुजरें लेकिन हैरत की बात यह है कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। रोजाना सैकड़ों ओवरलोड वाहन जा रहे हैं। इसके अलावा शॉर्टकट मार्गों पर सख्त निगरानी की आवश्यकता है। सरकार को इन चेक पोस्टों की उपयोगिता सुनिश्चित करने और खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।