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सामर्थ्य कार्यक्रम : आय सीमा में प्रशासन ने किया बदलाव
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पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा 60 हजार से बढ़ाकर की 80 हजार
आय सीमा के मानकों में ढील से अधिक छात्राएं होंगी लाभान्वित
जरूरतमंद बेटियों और दिव्यांगों को 25 हजार से लेकर 2 लाख तक मिलती है सहायता
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला प्रशासन ऊना की ओर से संचालित सामर्थ्य कार्यक्रम गरीब और जरूरतमंद बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल की नवाचारी सोच से प्रारंभ इस जनहितकारी कार्यक्रम में हाल ही में दो अहम संशोधन किए गए हैं। इनके माध्यम से योजना को और अधिक समावेशी व व्यावहारिक बनाया गया है। जिला प्रशासन ने अब इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा 60 हजार से बढ़ाकर 80 हजार कर दी है। साथ ही दिव्यांगता की पात्रता को लेकर भी संशोधन किया गया है। पहले जहां छात्रा के पिता के 60 प्रतिशत या अधिक दिव्यांग होने पर सहायता प्राप्त की जा सकती थी, अब यह सीमा घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, बशर्ते दिव्यांगता प्रमाण-पत्र कम से कम एक वर्ष पुराना हो। उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि सामर्थ्य कार्यक्रम को और अधिक व्यावहारिक व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पात्रता मापदंडों में यह संशोधन किया गया है, ताकि कोई भी बेटी सिर्फ आर्थिक कठिनाई के कारण अपने सपनों से वंचित न रह जाए।
सामर्थ्य में ये हैं प्रमुख सुविधाएं और सहायता
इस कार्यक्रम के अंतर्गत ऊना जिले की उन छात्राओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिनके पिता जीवित नहीं हैं या जो शारीरिक रूप से अक्षम (पूर्व में 60 प्रतिशत, अब 40 प्रतिशत) हैं। पात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, मेडिकल शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 25 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसमें 12वीं के बाद किसी भी डिग्री, डिप्लोमा या अन्य कोई व्यावसायिक कोर्स के लिए आर्थिक मदद के अलावा यूपीएससी, नीट, आर्मी जैसी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए भी वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाता है।
अब तक 26 बेटियों को मिला लाभ
जिला रेडक्रॉस सोसायटी ऊना के सचिव एवं सीपीओ संजय सांख्यान ने बताया कि अब तक सामर्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले की 26 छात्राओं को उच्च शिक्षा, कोचिंग इत्यादि के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। संशोधित पात्रता मानकों के बाद यह संख्या आगामी महीनों में और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। सामर्थ्य कार्यक्रम के तहत मदद के लिए उपायुक्त कार्यालय के कक्ष संख्या 413 में संपर्क कर आवेदन किया जा सकता है।
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आय सीमा के मानकों में ढील से अधिक छात्राएं होंगी लाभान्वित
जरूरतमंद बेटियों और दिव्यांगों को 25 हजार से लेकर 2 लाख तक मिलती है सहायता
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला प्रशासन ऊना की ओर से संचालित सामर्थ्य कार्यक्रम गरीब और जरूरतमंद बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल की नवाचारी सोच से प्रारंभ इस जनहितकारी कार्यक्रम में हाल ही में दो अहम संशोधन किए गए हैं। इनके माध्यम से योजना को और अधिक समावेशी व व्यावहारिक बनाया गया है। जिला प्रशासन ने अब इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा 60 हजार से बढ़ाकर 80 हजार कर दी है। साथ ही दिव्यांगता की पात्रता को लेकर भी संशोधन किया गया है। पहले जहां छात्रा के पिता के 60 प्रतिशत या अधिक दिव्यांग होने पर सहायता प्राप्त की जा सकती थी, अब यह सीमा घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, बशर्ते दिव्यांगता प्रमाण-पत्र कम से कम एक वर्ष पुराना हो। उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि सामर्थ्य कार्यक्रम को और अधिक व्यावहारिक व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पात्रता मापदंडों में यह संशोधन किया गया है, ताकि कोई भी बेटी सिर्फ आर्थिक कठिनाई के कारण अपने सपनों से वंचित न रह जाए।
सामर्थ्य में ये हैं प्रमुख सुविधाएं और सहायता
इस कार्यक्रम के अंतर्गत ऊना जिले की उन छात्राओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिनके पिता जीवित नहीं हैं या जो शारीरिक रूप से अक्षम (पूर्व में 60 प्रतिशत, अब 40 प्रतिशत) हैं। पात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, मेडिकल शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 25 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसमें 12वीं के बाद किसी भी डिग्री, डिप्लोमा या अन्य कोई व्यावसायिक कोर्स के लिए आर्थिक मदद के अलावा यूपीएससी, नीट, आर्मी जैसी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए भी वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाता है।
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अब तक 26 बेटियों को मिला लाभ
जिला रेडक्रॉस सोसायटी ऊना के सचिव एवं सीपीओ संजय सांख्यान ने बताया कि अब तक सामर्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले की 26 छात्राओं को उच्च शिक्षा, कोचिंग इत्यादि के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। संशोधित पात्रता मानकों के बाद यह संख्या आगामी महीनों में और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। सामर्थ्य कार्यक्रम के तहत मदद के लिए उपायुक्त कार्यालय के कक्ष संख्या 413 में संपर्क कर आवेदन किया जा सकता है।
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