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Una News: नीरज के बच्चे पूछ रहे, पापा घर कब आएंगे
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ईपीएफ की धनराशि से मकान की मरम्मत का था प्लान
पिता बीरूराम बोले, कंपनी से किसी ने नहीं किया एक भी फोन
एसडी शर्मा
मैहतपुर (ऊना)। सोलन की तपन इंडस्ट्री में कार्यरत मैहतपुर के 40 वर्षीय नीरज शर्मा की अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो जाती है। उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल सोलन लाया गया, यहां जांच के उपरांत मृतक घोषित कर दिया गया है। नीरज शर्मा के दो बेटे 5 वर्षीय भव्याम शर्मा और 9 वर्षीय वेदांत शर्मा पूछ रहे हैं कि उनके पापा घर कब आएंगे । 16 जनवरी को नीरज अपनी ड्यूटी पर तपन इंडस्ट्रीज ( सोलन ) में उपस्थित थे। पिता बीरू राम शर्मा का कहना है कि उन्हें किसी पर किसी किस्म का कोई संदेह तो नहीं है, लेकिन इस बात का अफसोस है कि इंडस्ट्रीज के मालिक अथवा अन्य किसी का संवेदना का एक फोन तक नहीं आया, न ही किसी ने उनके बेटे की मौत पर संवेदना के दो शब्द कहे हैं। पिता बीरू राम के अनुसार मृतक के शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट-खरोंच के निशान नहीं थे। पिता ने नम आंखों से बताया कि उनके बेटे ने कहा था कि वे ईपीएफ की धनराशि से मकान की मरम्मत करवाएंगे। पिता ने कहा कि कंपनी की ओर से उनके बेटे के शव को लाने का भी कोई बंदोबस्त नहीं किया गया, पंचकूला से गाड़ी कर शव को मैहतपुर लाना पड़ा। पिता के अनुसार उनके बेटे ने अगले माह टाहलीवाल की एक कंपनी में ज्वाइन करने की योजना बना रखी थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंज़ूर था। उनके बेटे की इस तरह से रहस्यमय परिस्थितियों में मौत ने उनके परिवार को अंदर तक तोड़ दिया है। कंपनी की ओर से किसी प्रकार की संवेदना अथवा सहयोग का न मिलना संदेह पैदा करता है, जिसकी गहनता से जांच की आवश्यकता परिवारजनों ने व्यक्त की है।
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पिता बीरूराम बोले, कंपनी से किसी ने नहीं किया एक भी फोन
एसडी शर्मा
मैहतपुर (ऊना)। सोलन की तपन इंडस्ट्री में कार्यरत मैहतपुर के 40 वर्षीय नीरज शर्मा की अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो जाती है। उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल सोलन लाया गया, यहां जांच के उपरांत मृतक घोषित कर दिया गया है। नीरज शर्मा के दो बेटे 5 वर्षीय भव्याम शर्मा और 9 वर्षीय वेदांत शर्मा पूछ रहे हैं कि उनके पापा घर कब आएंगे । 16 जनवरी को नीरज अपनी ड्यूटी पर तपन इंडस्ट्रीज ( सोलन ) में उपस्थित थे। पिता बीरू राम शर्मा का कहना है कि उन्हें किसी पर किसी किस्म का कोई संदेह तो नहीं है, लेकिन इस बात का अफसोस है कि इंडस्ट्रीज के मालिक अथवा अन्य किसी का संवेदना का एक फोन तक नहीं आया, न ही किसी ने उनके बेटे की मौत पर संवेदना के दो शब्द कहे हैं। पिता बीरू राम के अनुसार मृतक के शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट-खरोंच के निशान नहीं थे। पिता ने नम आंखों से बताया कि उनके बेटे ने कहा था कि वे ईपीएफ की धनराशि से मकान की मरम्मत करवाएंगे। पिता ने कहा कि कंपनी की ओर से उनके बेटे के शव को लाने का भी कोई बंदोबस्त नहीं किया गया, पंचकूला से गाड़ी कर शव को मैहतपुर लाना पड़ा। पिता के अनुसार उनके बेटे ने अगले माह टाहलीवाल की एक कंपनी में ज्वाइन करने की योजना बना रखी थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंज़ूर था। उनके बेटे की इस तरह से रहस्यमय परिस्थितियों में मौत ने उनके परिवार को अंदर तक तोड़ दिया है। कंपनी की ओर से किसी प्रकार की संवेदना अथवा सहयोग का न मिलना संदेह पैदा करता है, जिसकी गहनता से जांच की आवश्यकता परिवारजनों ने व्यक्त की है।