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Una News: बंद कमरों में सो रहे प्रवासी, अत्यधिक ठंड से बचने के लिए जलाते हैं अंगीठी

Thu, 02 Jan 2025 07:02 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2025 07:02 PM IST
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Migrants sleeping in closed rooms, burn fireplaces to avoid extreme cold
जागरूकता की कमी से हो रहे दम घुटने के हादसे, पिता-पुत्र की जा चुकी है जान
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भविष्य में ऐसे हादसे न हों, चलाएंगे जागरूकता अभियान : डीसी

सतीश शर्मा

नारी (ऊना)। डठवाड़ा गांव में प्रवासी मजदूरों का परिवार रात को अंगीठी जलाकर सोया और सुबह अचेत अवस्था में मिला। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा मामला है। बीते रविवार को प्रवासी पिता-पुत्र की कमरे में सोते समय मौत हो गई। पिता-पुत्र भी कमरे में अंगीठी और हीटर जलाकर सो रहे थे। इस बीच वीरवार को दोबारा उसी तरह की घटना हो गई। गनीमत रही कि परिवार के सदस्यों को समय रहते साथी मजदूरों ने देख लिया और अस्पताल पहुंचाया।

जानकारी के मुताबिक जिले के कई इलाकों में प्रवासी मजदूर छोटे-छोटे कमरों में किराये पर रहकर अपनी रोजी कमाते हैं। किराये के कमरों में खिड़की, रोशनदान नाममात्र होते हैं। वहीं, प्रवासी मजदूरों में भी जागरूकता का कमी है। डठवाड़ा और साथ लगते धमांदरी गांव में प्रवासी मजदूरों के कम से कम 100 कमरे हैं। इनमें कई प्रवासी मजदूर रहते हैं। बहुत कम कमरों में रोशनदान रखे हुए हैं। कमरों की स्थिति ऐसी है कि पशुशालाओं की स्थिति भी ऐसी नहीं होती। जब मौके की पड़ताल की तो एक महिला प्रवासी ने बताया कि सुबह और शाम को बहुत ठंड होती है। ऐसे में वे अंगीठी जलाते हैं। कई उसे बुझाकर सोते हैं तो कई जलाकर रखते हैं। कहा कि उनका पड़ोसी हरिचरण भी रात को अंगीठी जलाकर सोया था। सुबह 10 बजे तक नहीं उठे तो किसी प्रकार कुंडी को खोला। आसपास के प्रवासी मजदूरों का कहना है कि ठंड अधिक होने के कारण लकड़ी या कोयला हमें जलाना पड़ता है। रोशनदान न होने की वजह से ही ऐसी घटनाएं घट रही हैं। कमरे के खिड़की दरवाजे में हवा की आवाजाही को भी उन्होंने बोरियां लगाकर सील कर रखा है। हवा के आने-जाने का कोई साधन नहीं है। प्रवासी मजदूरों ने स्वीकार किया कि उन्हें आग जलाकर सर्दी से बचने की आदत है। आग जलाकर सोना नहीं चाहिए, इतनी जागरूकता नहीं है। न इतने पढ़े लिखे हैं कि कभी ऐसे समाचार सुने या पढ़ें हों। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि आने वाले दिनों में प्रवासी मजदूरों को इस संदर्भ में जागरूक किया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रम आयोजन की योजना तैयार करेंगे ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न होने पाएं।
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