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Una News: मक्की की बिजाई की तैयारियों में जुटे किसान
Sat, 03 May 2025 12:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 03 May 2025 12:16 AM IST
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ऊना। जिला ऊना में गेहूं की कटाई लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और अब किसान आगामी फसलों की बिजाई की तैयारियों में जुट गए हैं। सिंचाई सुविधा वाले क्षेत्रों में मक्की की अगेती फसल की बिजाई का दौर शुरू हो गया है।
इसके लिए किसान पहले खेतों की सिंचाई कर रहे हैं और फिर जमीन में नमी आने के बाद मक्की के बीज बो रहे हैं। जानकारी के अनुसार ऊना के मैदानी और सिंचित क्षेत्रों में करीब 500 हेक्टेयर भूमि पर मक्की की अगेती फसल बोई जाती है। यह फसल दो माह में तैयार होती है और इसमें दानों को सुखाने की जरूरत नहीं होती।
नमीयुक्त दानों को ही किसान मंडियों में बेचते हैं, जिन्हें पोल्ट्री इंडस्ट्री द्वारा हाथों-हाथ खरीदा जाता है। हालांकि, जिला कृषि विभाग के पास अभी मक्की के बीज उपलब्ध नहीं हैं, जिससे किसान निजी दुकानों से महंगे दामों पर बीज खरीदने को मजबूर हैं। उधर, मक्की के विकल्प के रूप में कई किसान बैंगन, भिंडी, खीरा, घीया, कद्दू, हरी मिर्च और करेला जैसी हरी सब्जियों की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऊना-संतोषगढ़ सड़क मार्ग के आसपास और स्वां नदी किनारे बसे गांवों में सब्जी उत्पादन जोरों पर है।
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इसके लिए किसान पहले खेतों की सिंचाई कर रहे हैं और फिर जमीन में नमी आने के बाद मक्की के बीज बो रहे हैं। जानकारी के अनुसार ऊना के मैदानी और सिंचित क्षेत्रों में करीब 500 हेक्टेयर भूमि पर मक्की की अगेती फसल बोई जाती है। यह फसल दो माह में तैयार होती है और इसमें दानों को सुखाने की जरूरत नहीं होती।
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नमीयुक्त दानों को ही किसान मंडियों में बेचते हैं, जिन्हें पोल्ट्री इंडस्ट्री द्वारा हाथों-हाथ खरीदा जाता है। हालांकि, जिला कृषि विभाग के पास अभी मक्की के बीज उपलब्ध नहीं हैं, जिससे किसान निजी दुकानों से महंगे दामों पर बीज खरीदने को मजबूर हैं। उधर, मक्की के विकल्प के रूप में कई किसान बैंगन, भिंडी, खीरा, घीया, कद्दू, हरी मिर्च और करेला जैसी हरी सब्जियों की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऊना-संतोषगढ़ सड़क मार्ग के आसपास और स्वां नदी किनारे बसे गांवों में सब्जी उत्पादन जोरों पर है।
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