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Una News: हरोली में प्रस्ताव से आगे नहीं बढ़ा ईएसआईसी अस्पताल
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ऊना। हरोली क्षेत्र में प्रस्तावित 100 बेड का ईएसआईसी अस्पताल अब तक प्रस्ताव से आगे नहीं बढ़ पाया है। हजारों कर्मचारियों को अभी भी सीमित सुविधाओं वाली डिस्पेंसरी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
जिले के अंब, गगरेट, जीतपुर बेहड़ी, मैहतपुर, टाहलीवाल और बसाल सहित कई क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। इन उद्योगों में कार्यरत हजारों कर्मचारी ईएसआईसी के अंतर्गत पंजीकृत हैं लेकिन उन्हें समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
जानकारी के अनुसार अस्पताल निर्माण के लिए प्रस्ताव के बाद भूमि चयन, बजट स्वीकृति और अन्य औपचारिकताओं में देरी के चलते मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
अस्पताल बनने से कर्मचारियों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी और उन्हें अन्य जिलों के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। फिलहाल गंभीर बीमारियों या हादसों की स्थिति में मरीजों को बाहर रेफर किया जाता है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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जिले के टाहलीवाल क्षेत्र में 100 बेड का ईएसआईसी अस्पताल बनाने की योजना है। इसके लिए प्रक्रिया जारी है और उच्च अधिकारियों स्तर पर आगामी कार्रवाई की जानी है। — डॉ. विवेक शारदा, प्रभारी ईएसआईसी गगरेट
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जिले के अंब, गगरेट, जीतपुर बेहड़ी, मैहतपुर, टाहलीवाल और बसाल सहित कई क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। इन उद्योगों में कार्यरत हजारों कर्मचारी ईएसआईसी के अंतर्गत पंजीकृत हैं लेकिन उन्हें समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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जानकारी के अनुसार अस्पताल निर्माण के लिए प्रस्ताव के बाद भूमि चयन, बजट स्वीकृति और अन्य औपचारिकताओं में देरी के चलते मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
अस्पताल बनने से कर्मचारियों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी और उन्हें अन्य जिलों के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। फिलहाल गंभीर बीमारियों या हादसों की स्थिति में मरीजों को बाहर रेफर किया जाता है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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जिले के टाहलीवाल क्षेत्र में 100 बेड का ईएसआईसी अस्पताल बनाने की योजना है। इसके लिए प्रक्रिया जारी है और उच्च अधिकारियों स्तर पर आगामी कार्रवाई की जानी है। — डॉ. विवेक शारदा, प्रभारी ईएसआईसी गगरेट