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खड्ड में फेंक दीं हजारों की सरकारी दवा

Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
Una
Una Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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ऊना। बंगाणा और अंब उपमंडल को जोड़ने वाले बडूही में सरकारी दवाओं की खेप खड्ड में फेंक दी गई है। मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। वहीं इन दवाओं को आंगनबाड़ी केंद्र के लिए जारी किए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। दवाएं चाहे किसी भी महकमे को जारी की गई हों, लेकिन सरकार को हजारों का चूना लग गया है और ये दवाएं जिस मकसद से भेजी गई थीं, वह भी पूरा नहीं हो पाया है। प्रदेश सरकार लाखों की जरूरी दवाएं आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में भेजती है। ये दवाएं जरूरतमंदों को निशुल्क बांटी जाती हैं। लेकिन, सरकारी दवाओं को खड्ड में फेंकना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। बहरहाल, स्वास्थ्य विभाग फौरन मामले की जांच की बात कर रहा है।
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खड्ड में दवाएं कैसे पहुंची इसे लेकर संशय बरकरार है। खड्ड में मिली दवा का नाम अबेंडाजोल ओरल सस्पेंशन है, जिस पर साफ शब्दों में लिखा गया है कि यह दवा हिमाचल प्रदेश सरकार की आपूर्ति के लिए है। इसे बेचा नहीं जाएगा। दवा की मेन्यूफेक्चरिंग तिथि जनवरी 2011 है। जबकि एक्सपायरी डेट दिसंबर 2012 अंकित है। इसका बैच नंबर एजेडएस/1030 अंकित है। बताया जा रहा है कि दवा गुजरात के महसाणा स्थित किसी फार्मास्यूटिकल लिमिटेड कंपनी की ओर से बनाई गई है। खड्ड में पड़ी दवा की शीशियों की संख्या लगभग 775 के करीब है। 10 मिलीलीटर की यह एक शीशी बाजार में 35 रुपये मूल्य की है। इधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. जीआर कौशल का कहना है कि इन दवाओं के संदर्भ में पूरी छानबीन की जा रही है। उन्हाेंने बताया कि आसपास के उपस्वास्थ्य केंद्रों सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जांच का जिम्मा खंड चिकित्सा अधिकारी को दे दिया गया है। जल्द मामले का पता लगाया जाएगा।
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