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मामूली बात पर टीचर ने ऐसी दी सजा कि हर कोई स्तब्ध
अमर उजाला, संतोषगढ़ (ऊना)
Updated Fri, 06 Dec 2013 12:16 PM IST
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हिमाचल प्रदेश में ऊना के संतोषगढ़ क्षेत्र के एक निजी स्कूल में छात्र-छात्राओं को पाठ याद न करने पर ऐसी सजा दी गई कि हर कोई स्तब्ध है।
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संतोषगढ़ के एक स्कूल की शिक्षिका ने पाठ न याद होने पर बतौर सजा छात्राओं की चोटी और छात्रों की टाई से जूते बांध दिए।
मामला सामने आने के बाद अभिभावकों ने स्कूल जाकर प्रबंधन के प्रति रोष जताया और हंगामा किया। स्कूल प्रबंधन ने मामला बढ़ता देख माफी मांगकर पीछा छुड़ाया।
मामला तब सामने आया जब एक छात्रा स्कूल से घर रोती हुई और डरी सहमी पहुंची। परिजनों ने पूछा तो पता चला कि कक्षा में पाठ याद न होने पर शिक्षिका ने छात्राओं की चोटियों एवं छात्रों की टाई से जूते बांधकर उन्हें अपने ही सहपाठियों के बीच अपमानित किया।
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वीरवार को छात्रा के पिता, वार्ड आठ के पार्षद विजय कुमार, दीपक चब्बा, विशाल पटियाल, भूषण प्रहलाद, मुकेश पुरी सहित दूसरे कई अभिभावक स्कूल पहुंचे और हंगामा किया।
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इस पर स्कूल प्रधानाचार्य ने अभिभावकों के समक्ष शिक्षिका की गलती स्वीकारते हुए माफी मंागी। स्कूल प्रधानाचार्य आरपी शर्मा का कहना है कि अपने स्तर पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अभिभावकों ने कहा कि बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
घटना शर्मनाक, जांच कराएंगे: डीडी
जिला उपनिदेशक (उच्चतर शिक्षा) आरसी टबयाल ने निजी स्कूल की शिक्षिका द्वारा सजा के तौर पर छात्राओं की चोटी और छात्रों की टाई में जूते बांधने की घटना को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि उनके पास इस बारे में शिकायत पहुंचती है, तो जांच करवाई जाएगी। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।
स्कूलों पर लागू नियम-कानून
हिमाचल में आरटीई लागू होने के बाद आठवीं कक्षा तक के बच्चों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी दंडनीय है। मारपीट पर छात्र और अभिभावक दोनों ही शिक्षक पर प्राथमिकी दर्ज करवा सकते हैं।
विभाग की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। निजी स्कूल के मामले में स्कूल प्रबंधन पर विभाग कार्रवाई करता है। स्कूल में बच्चों से किसी भी तरह की मारपीट करना या सजा देना हिमाचल में पूरी तरह से प्रतिबंधित है।