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Himachal News: छुट्टियों में भी बच्चों को पढ़ाया, अब मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
Tue, 27 Aug 2024 08:26 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा।
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 27 Aug 2024 08:26 PM IST
सार
शिक्षक हो तो सुनील कुमार जैसा! दिव्यांग हैं और अभी भी ज्यादा चलने में टांग में दर्द होता है, लेकिन हौसला दिव्यांग नहीं है। सुनील कुमार तीसरे ऐसे शिक्षक होंगे जो राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड हासिल करेंगे।
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सुनील सेठी। राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड से सम्मानित होने वाले शिक्षक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खरगट में बतौर रसायन प्रवक्ता तैनात सुनील कुमार को राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड मिलेगा। पांच सितंबर को अध्यापक दिवस के मौके विज्ञान भवन नई दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। इस बार सुनील हिमाचल के इकलौते राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामित हुए हैं। सुनील कुमार बतौर टीजीटी मेडिकल शिक्षक नियुक्त हुए। वर्ष 2016 में उनकी पदोन्नति हुई और वह रसायन विषय के प्रवक्ता बने।
अब तक के कार्यकाल में सुनील ने विज्ञान विषय से संबंधित प्रतियोगिताओं में स्कूल के 65 विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय स्पर्धा तक पहुंचाया। इसके अलावा दस से अधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्पर्धाओं को तक पहुंचाया। इसके अलावा एक छात्रा को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। यह सभी विद्यार्थी उनकी निगरानी में इन प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके अलावा सुनील ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में भी बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाते रहे। यू-टव्यू पर उनका चैनल भी है। जो विद्यार्थियों की पढ़ाई में काफी मदद करता है। सुनील के पिता कर्म चंद धीमान भी बतौर खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी भरमौर के पद से सेवानिवृत हुए हैं।
आठ माह की आयु में लगा था पोलियो का टीका, नहीं बैठा सही
सुनील ने बताया कि जब वे मात्र आठ माह के थे तो उन्हें पोलियो का टीका लगा था, जो उन्हें सही नहीं बैठा। इससे उनकी टांग में समस्या हुई। वे दिव्यांग हैं और अभी भी ज्यादा चलने में टांग में दर्द होता है। बताया कि उन्होंने कभी खुद को महसूस नहीं होने दिया कि वे दिव्यांग हैं।
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पिछले पांच सालों में चंबा को तीन राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड
पिछले पांच सालों पर नजर दौड़ाए तो दो शिक्षक पहले ही राष्ट्र्रीय अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं। जबकि अब सुनील कुमार तीसरे ऐसे शिक्षक होंगे जो राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड हासिल करेंगे। इससे पहले विकास महाजन और युद्धवीर टंडन को यह पुरस्कार मिल चुका है।
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अब तक के कार्यकाल में सुनील ने विज्ञान विषय से संबंधित प्रतियोगिताओं में स्कूल के 65 विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय स्पर्धा तक पहुंचाया। इसके अलावा दस से अधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्पर्धाओं को तक पहुंचाया। इसके अलावा एक छात्रा को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। यह सभी विद्यार्थी उनकी निगरानी में इन प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके अलावा सुनील ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में भी बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाते रहे। यू-टव्यू पर उनका चैनल भी है। जो विद्यार्थियों की पढ़ाई में काफी मदद करता है। सुनील के पिता कर्म चंद धीमान भी बतौर खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी भरमौर के पद से सेवानिवृत हुए हैं।
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आठ माह की आयु में लगा था पोलियो का टीका, नहीं बैठा सही
सुनील ने बताया कि जब वे मात्र आठ माह के थे तो उन्हें पोलियो का टीका लगा था, जो उन्हें सही नहीं बैठा। इससे उनकी टांग में समस्या हुई। वे दिव्यांग हैं और अभी भी ज्यादा चलने में टांग में दर्द होता है। बताया कि उन्होंने कभी खुद को महसूस नहीं होने दिया कि वे दिव्यांग हैं।
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पिछले पांच सालों में चंबा को तीन राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड
पिछले पांच सालों पर नजर दौड़ाए तो दो शिक्षक पहले ही राष्ट्र्रीय अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं। जबकि अब सुनील कुमार तीसरे ऐसे शिक्षक होंगे जो राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड हासिल करेंगे। इससे पहले विकास महाजन और युद्धवीर टंडन को यह पुरस्कार मिल चुका है।