{"_id":"fed94720839f10e05cec5574fc3b328e","slug":"special-lake-in-kullu","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस झील की परिक्रमा से मनोकामना होगी पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस झील की परिक्रमा से मनोकामना होगी पूरी
अमर उजाला, कुल्लू
Updated Sat, 18 Jan 2014 01:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू जिले में सबसे ऊंचाई पर स्थित सरयोलसर झील इन दिनों पूरी तरह बर्फ से जम चुकी है लेकिन श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
आपको बता दें कि हर साल मकर संक्रांति और उसके बाद नागों की मां बूढ़ी नागिन से मन्नत मांगने सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
तीन फीट बर्फ से ढकी झील तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल बर्फीला रास्ता पार करना पड़ता है। अभी भी लोगों का यहां आना जारी है।
जलोड़ी जोत से करीब पांच किमी दूर दस हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित ये झील एक किमी के दायरे में फैली हुई है।
मान्यता है कि इस झील के अंदर नागों की माता बूढ़ी नागिन वास करती हैं। जो कोई झील के चारों ओर घी की परिक्रमा करता है तो उन्हें कभी भी दूध-घी की कमी नहीं खलती। घर अन्न-धन से भी भरपूर रहता है।
एक विशेष बात इस झील की और है कि यदि झील में एक पत्ता भी गिर जाए तो एक विशेष नन्ही चिड़िया आभी, झील से तुरंत पत्ते को उठाकर बाहर फेंक देती है। आभी नाम की ये चिड़िया झील को 12 महीने निर्मल बनाए रखती है।
विज्ञापन