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मोबाइल का इस्तेमाल पढ़ाई, ज्ञान बढ़ाने के लिए ही करें : प्रियंक
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बीआर सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल मैं आयोजित अपराजिता कार्यक्रम के दौरान डीएसपी के साथ छात्राएं
बीआर पब्लिक स्कूल में हुआ अमर उजाला फाउंडेशन का अपराजिता कार्यक्रम
युवतियां अपराध होने पर छुपाएं नहीं, पुलिस से करें तुरंत संपर्क
छात्राओं को बताए उनके अधिकार, कौन से अपराध की क्या सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी के हाउसिंग बोर्ड फेस-दो स्थित बीआर सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यवक्ता के तौर पर बद्दी पुलिस के डीएसपी प्रियंक गुप्ता मौजूद रहे। उन्होंने छात्राओं को बताया कि मोबाइल का इस्तेमाल पढ़ाई, ज्ञान बढ़ाने के लिए करें।
छात्राओं को उनके अधिकार बताते हुए बताया कि कौन से अपराध की क्या सजा होती है। किसी छात्र या महिला को 14 सेकंड घूरने पर जेल हो सकती है। यह भारतीय दंड संहिता 309 के तहत दंडनीय अपराध है। किसी भी तरह की कोई भी घटना अगर होती है तो इसकी सूचना नजदीकी महिला पुलिस थाना में दें और अपराध होने पर उसको छुपाएं नहीं। अपने अभिभावकों, अध्यापकों, रिश्तेदारों को अपने साथ घटी घटना के बारे में अवश्य बताएं। अगर किसी के साथ कोई घटना घटती है तो उसको छुपाने से अपराधी के हौसले बुलंद होते हैं।
आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए सरकार की ओर से हेल्पलाइन बनाई गई है जिसका प्रयोग आसानी से छात्राएं कर सकती हैं। पुलिस से डरे नहीं, पुलिस भी समाज का ही हिस्सा है। पुलिस को मित्र समझें और अपनी बातों को निडर होकर रखें। सारी घटना की जानकारी पुलिस को दें और अगर कोई किशोरी 12 वर्ष से छोटी है तो पुलिस सादे कपड़ों में पीड़ित के घर आकर बयान दर्ज करती है और उसका नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाता है।
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हर जिला स्तर पर सरकार ने महिला थाने खोले हैं। जहां थाना प्रभारी से लेकर अन्य स्टाफ महिलाएं ही होती हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी लड़की का पीछा करता है, अभद्र टिप्पणी करता है और बिना अनुमति फोटो खींचता है या वीडियो बनाता है तो इसमें सजा निश्चित की गई है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर गलत संदेश भेजता है तो तुरंत पुलिस कार्रवाई करती है। आज के दौर में सरकार ने महिला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण कानून बनाए हैं, लेकिन अपराध फिर भी नहीं रुक रहे हैं इसलिए हर छात्रा का निडर होना जरूरी है।
इनसेट
प्रधानाचार्य ने अमर उजाला की मुहिम की सराहना की
स्कूल की प्रधानाचार्य अंशी भनोट ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से चलाई गई अपराजिता मुहिम की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युग में माता-पिता को अपने बच्चों को पढ़ाई से अधिक संस्कारों की शिक्षा देनी चाहिए। यह माता-पिता के अलावा कोई नहीं दे सकता।
इनसेट
सवाल- 11वीं की छात्रा कुमकुम ने पूछा कि गलत इशारे और घूरने पर क्या करना चाहिए।
डीएसपी : अगर कोई व्यक्ति गंदी नियत से गलत इशारा कर रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत परिजनों और पुलिस को दें। कानून के अनुसार उसकी सजा अवश्य मिलेगी।
इनसेट
सवाल- 11वीं की छात्रा अश्वित नूर ने कहा कि अगर हमारा फोटो कोई सोशल मीडिया पर वायरल करे तो क्या करना चाहिए।
डीएसपी : अगर आपका फोटो कोई सोशल मीडिया पर वायरल करता है तो इसकी सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर डायल करें और साथ ही नजदीकी पुलिस थाना में इसकी शिकायत दें। पुलिस के आने तक आसपास के लोगों की सहायता अवश्य लें।
इनसेट
सवाल-छात्रा अंजली ने पूछा अगर घर में ही अहिंसा हो तो क्या करना चाहिए।
डीएसपी-इसकी सूचना नजदीक थाने में दें। हर थाने में महिला पुलिस कर्मचारी होती हैं, उनको इसकी जानकारी दें, कोई जानकारी न छुपाएं। इसमें नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
इनसेट
सवाल-छात्रा हिमांशी ने पूछा लोग लड़कियों के लिए गलत बोलते हैं तो क्या करें।
डीएसपी-लोगों और समाज की परवाह किए बिना आगे बढ़ें, कौन क्या कहता है इस ओर ध्यान न दें, समाज के डर से किसी भी हिंसा को बर्दाश्त न करें, कानून का सहारा लें। आपकी जानकारी गुप्त रखकर कार्रवाई की जाती है।
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युवतियां अपराध होने पर छुपाएं नहीं, पुलिस से करें तुरंत संपर्क
छात्राओं को बताए उनके अधिकार, कौन से अपराध की क्या सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी के हाउसिंग बोर्ड फेस-दो स्थित बीआर सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यवक्ता के तौर पर बद्दी पुलिस के डीएसपी प्रियंक गुप्ता मौजूद रहे। उन्होंने छात्राओं को बताया कि मोबाइल का इस्तेमाल पढ़ाई, ज्ञान बढ़ाने के लिए करें।
छात्राओं को उनके अधिकार बताते हुए बताया कि कौन से अपराध की क्या सजा होती है। किसी छात्र या महिला को 14 सेकंड घूरने पर जेल हो सकती है। यह भारतीय दंड संहिता 309 के तहत दंडनीय अपराध है। किसी भी तरह की कोई भी घटना अगर होती है तो इसकी सूचना नजदीकी महिला पुलिस थाना में दें और अपराध होने पर उसको छुपाएं नहीं। अपने अभिभावकों, अध्यापकों, रिश्तेदारों को अपने साथ घटी घटना के बारे में अवश्य बताएं। अगर किसी के साथ कोई घटना घटती है तो उसको छुपाने से अपराधी के हौसले बुलंद होते हैं।
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आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए सरकार की ओर से हेल्पलाइन बनाई गई है जिसका प्रयोग आसानी से छात्राएं कर सकती हैं। पुलिस से डरे नहीं, पुलिस भी समाज का ही हिस्सा है। पुलिस को मित्र समझें और अपनी बातों को निडर होकर रखें। सारी घटना की जानकारी पुलिस को दें और अगर कोई किशोरी 12 वर्ष से छोटी है तो पुलिस सादे कपड़ों में पीड़ित के घर आकर बयान दर्ज करती है और उसका नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाता है।
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हर जिला स्तर पर सरकार ने महिला थाने खोले हैं। जहां थाना प्रभारी से लेकर अन्य स्टाफ महिलाएं ही होती हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी लड़की का पीछा करता है, अभद्र टिप्पणी करता है और बिना अनुमति फोटो खींचता है या वीडियो बनाता है तो इसमें सजा निश्चित की गई है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर गलत संदेश भेजता है तो तुरंत पुलिस कार्रवाई करती है। आज के दौर में सरकार ने महिला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण कानून बनाए हैं, लेकिन अपराध फिर भी नहीं रुक रहे हैं इसलिए हर छात्रा का निडर होना जरूरी है।
इनसेट
प्रधानाचार्य ने अमर उजाला की मुहिम की सराहना की
स्कूल की प्रधानाचार्य अंशी भनोट ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से चलाई गई अपराजिता मुहिम की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युग में माता-पिता को अपने बच्चों को पढ़ाई से अधिक संस्कारों की शिक्षा देनी चाहिए। यह माता-पिता के अलावा कोई नहीं दे सकता।
इनसेट
सवाल- 11वीं की छात्रा कुमकुम ने पूछा कि गलत इशारे और घूरने पर क्या करना चाहिए।
डीएसपी : अगर कोई व्यक्ति गंदी नियत से गलत इशारा कर रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत परिजनों और पुलिस को दें। कानून के अनुसार उसकी सजा अवश्य मिलेगी।
इनसेट
सवाल- 11वीं की छात्रा अश्वित नूर ने कहा कि अगर हमारा फोटो कोई सोशल मीडिया पर वायरल करे तो क्या करना चाहिए।
डीएसपी : अगर आपका फोटो कोई सोशल मीडिया पर वायरल करता है तो इसकी सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर डायल करें और साथ ही नजदीकी पुलिस थाना में इसकी शिकायत दें। पुलिस के आने तक आसपास के लोगों की सहायता अवश्य लें।
इनसेट
सवाल-छात्रा अंजली ने पूछा अगर घर में ही अहिंसा हो तो क्या करना चाहिए।
डीएसपी-इसकी सूचना नजदीक थाने में दें। हर थाने में महिला पुलिस कर्मचारी होती हैं, उनको इसकी जानकारी दें, कोई जानकारी न छुपाएं। इसमें नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
इनसेट
सवाल-छात्रा हिमांशी ने पूछा लोग लड़कियों के लिए गलत बोलते हैं तो क्या करें।
डीएसपी-लोगों और समाज की परवाह किए बिना आगे बढ़ें, कौन क्या कहता है इस ओर ध्यान न दें, समाज के डर से किसी भी हिंसा को बर्दाश्त न करें, कानून का सहारा लें। आपकी जानकारी गुप्त रखकर कार्रवाई की जाती है।