{"_id":"60aa94258ebc3e8662127973","slug":"solan-health-deptt-constitutes-teams-to-fight-black-fungus-solan-news-sml371225967","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लैक फंगस से निपटने के लिए विभाग अलर्ट, टीमें बनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लैक फंगस से निपटने के लिए विभाग अलर्ट, टीमें बनाई
विज्ञापन
सोलन। प्रदेश की राजधानी में ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के मामले आने के बाद सोलन में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कसरत भी तेज हो गई है। ब्लैक फंगस को महामारी घोषित भी किया जा चुका है।
अब स्वास्थ्य विभाग लोगों को इसके बारे में जागरूक करेगा। इसके लिए आईईसी एक्टिविटी टीम भी गठित कर दी है। ये टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ब्लैक फंगस के बारे में जागरूक करेगी। इस दौरान लोगों को ब्लैक फंगस के लक्षण, बचाव समेत अन्य विषयों के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। इसके अलावा कोविड से बचाव के लिए भी जागरूकता लोगों में लाई जाएगी ताकि प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों की चेन पर ब्रेक लगाई जा सके।
कोरोना और ब्लैक फंगस के लक्षण दिखते ही लोगों से जांच का आग्रह किया जाएगा। ब्लैक फंगस को लेकर अस्पतालों में दवाइयां और अन्य सामग्री के लिए भी जिला स्वास्थ्य विभाग ने अला अधिकारियों को बता दिया है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार मूल तौर पर जिले के अर्की की शिमला में रहने वाली 41 वर्षीय महिला में ब्लैक फंगस के लक्षण आए हैं। यह महिला बीते दिनों कोरोना से स्वस्थ हुई थी लेकिन अब महिला में आंखों की रोशनी कम होने की शिकायत आने लगी। इसके बाद महिला आईजीएमसी में भर्ती हुई और महिला में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई।
शिमला में ब्लैक फंगस का मामला आने के बाद तुरंत जिला स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट हो गया। हालांकि, सोलन जिले में ऐसा कोई भी मामला अभी तक सामने नहीं आया है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बना दिया है। साथ ही अन्य आवश्यक सामान की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। वहीं विभाग ने आईईसी एक्टिविटी टीमें बनाने से पहले मोनिटरिंग टीम भी बनाई है।
घबराए नहीं लोग : डॉ. उप्पल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल ने कहा कि सोलन में ब्लैक फंगस का अभी कोई भी मामला सामने नहीं आया है। शिमला में जो मामला आया है, वह महिला शिमला में ही रहती थी। लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। लोगों को जागरूक करने के लिए टीमें बना दी गई हैं।
विज्ञापन
अब स्वास्थ्य विभाग लोगों को इसके बारे में जागरूक करेगा। इसके लिए आईईसी एक्टिविटी टीम भी गठित कर दी है। ये टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ब्लैक फंगस के बारे में जागरूक करेगी। इस दौरान लोगों को ब्लैक फंगस के लक्षण, बचाव समेत अन्य विषयों के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। इसके अलावा कोविड से बचाव के लिए भी जागरूकता लोगों में लाई जाएगी ताकि प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों की चेन पर ब्रेक लगाई जा सके।
विज्ञापन
कोरोना और ब्लैक फंगस के लक्षण दिखते ही लोगों से जांच का आग्रह किया जाएगा। ब्लैक फंगस को लेकर अस्पतालों में दवाइयां और अन्य सामग्री के लिए भी जिला स्वास्थ्य विभाग ने अला अधिकारियों को बता दिया है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार मूल तौर पर जिले के अर्की की शिमला में रहने वाली 41 वर्षीय महिला में ब्लैक फंगस के लक्षण आए हैं। यह महिला बीते दिनों कोरोना से स्वस्थ हुई थी लेकिन अब महिला में आंखों की रोशनी कम होने की शिकायत आने लगी। इसके बाद महिला आईजीएमसी में भर्ती हुई और महिला में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई।
शिमला में ब्लैक फंगस का मामला आने के बाद तुरंत जिला स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट हो गया। हालांकि, सोलन जिले में ऐसा कोई भी मामला अभी तक सामने नहीं आया है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बना दिया है। साथ ही अन्य आवश्यक सामान की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। वहीं विभाग ने आईईसी एक्टिविटी टीमें बनाने से पहले मोनिटरिंग टीम भी बनाई है।
घबराए नहीं लोग : डॉ. उप्पल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल ने कहा कि सोलन में ब्लैक फंगस का अभी कोई भी मामला सामने नहीं आया है। शिमला में जो मामला आया है, वह महिला शिमला में ही रहती थी। लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। लोगों को जागरूक करने के लिए टीमें बना दी गई हैं।