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Solan News: रूट-दूरी एक सम्मान, एचआरटीसी के किराये में 10 रुपये का अंतर
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एक बस में 102, दूसरी में वसूल रहे 92 रुपये किरायामनीमाजरा से धर्मपुर के बीच के किराये में है काफी अंतर
किराये को लेकर यात्रियों और परिचालकों में होती है बहस
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में रूट और दूरी एक सम्मान होने पर टिकट में काफी अंतर आ रहा है। ऐसे में यात्रियों को अलग-अलग किराया अदा करना पड़ता है। मामला मनीमाजरा से धर्मपुर के बीच का है। इसमें एचआरटीसी के अलग डिपो की बसों में किराये में अंतर आ गया है। हैरत की बात तो यह है कि किराये में एक या दो रुपये नहीं बल्कि 10 रुपये का अंतर है। इस समस्या को कई बार यात्री पथ परिवहन निगम को बता चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है।
किराये को लेकर यात्रियों और परिचालकों में बहस होती है। इस प्रकार की समस्या स्थानीय रूट पर ही नहीं बल्कि लांग रूट पर भी है। लोग एक समान दूरी के लिए अलग किराया देने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इससे लोगों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। लोगों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि असल में कितना किराया है। निगम दावा कर रहा है कि मशीनों में निर्धारित किलोमीटर के मुताबिक ही किराये की गणना स्वयं होती है।
गौर रहे कि प्रदेश समेत बाहरी राज्यों को जाने के लिए पथ परिवहन की अलग-अलग डिपो की बसें लगी हैं। इन बसों में यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए निगम की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन एचआरटीसी में किराये को लेकर बार-बार चर्चाएं हो रही हैं।
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इनसेट
ई-टिकट मशीनों में अलग किराया
एचआरटीसी की बसों में जब से ई-टिकट मशीनें आई हैं तब से किराया बढ़ गया है। हैरत की बात तो यह है कि इसमें अलग-अलग फेयर जोड़ दिए गए हैं। पुरानी टिकट मशीनों में ऐसा कुछ नहीं था। हालांकि उस दौरान भी एक समान दूरी का अलग किराया आता था, लेकिन अब काफी अंतर आ रहा है।
इनसेट
केस एक
पथ परिवहन निगम की बस में धर्मपुर से मनीमाजरा के लिए एक यात्री ने सफर किया तो उसका आने और जाने का किराया अलग वसूला गया। हालांकि जाने के लिए परवाणू डिपो की बस थी, जबकि आने के लिए नालागढ़ डिपो की बस थी। ऐसे में जाने के लिए यात्री ने जाने के लिए 92 रुपये किराया दिया। आने के लिए 102 रुपये दिए। इसमें सीधा 10 रुपये अंतर आया।
इनसेट
टिकट का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी।
-रोहन चंद ठाकुर, एमडी, परिवहन निगम, शिमला
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किराये को लेकर यात्रियों और परिचालकों में होती है बहस
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में रूट और दूरी एक सम्मान होने पर टिकट में काफी अंतर आ रहा है। ऐसे में यात्रियों को अलग-अलग किराया अदा करना पड़ता है। मामला मनीमाजरा से धर्मपुर के बीच का है। इसमें एचआरटीसी के अलग डिपो की बसों में किराये में अंतर आ गया है। हैरत की बात तो यह है कि किराये में एक या दो रुपये नहीं बल्कि 10 रुपये का अंतर है। इस समस्या को कई बार यात्री पथ परिवहन निगम को बता चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है।
किराये को लेकर यात्रियों और परिचालकों में बहस होती है। इस प्रकार की समस्या स्थानीय रूट पर ही नहीं बल्कि लांग रूट पर भी है। लोग एक समान दूरी के लिए अलग किराया देने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इससे लोगों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। लोगों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि असल में कितना किराया है। निगम दावा कर रहा है कि मशीनों में निर्धारित किलोमीटर के मुताबिक ही किराये की गणना स्वयं होती है।
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गौर रहे कि प्रदेश समेत बाहरी राज्यों को जाने के लिए पथ परिवहन की अलग-अलग डिपो की बसें लगी हैं। इन बसों में यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए निगम की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन एचआरटीसी में किराये को लेकर बार-बार चर्चाएं हो रही हैं।
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ई-टिकट मशीनों में अलग किराया
एचआरटीसी की बसों में जब से ई-टिकट मशीनें आई हैं तब से किराया बढ़ गया है। हैरत की बात तो यह है कि इसमें अलग-अलग फेयर जोड़ दिए गए हैं। पुरानी टिकट मशीनों में ऐसा कुछ नहीं था। हालांकि उस दौरान भी एक समान दूरी का अलग किराया आता था, लेकिन अब काफी अंतर आ रहा है।
इनसेट
केस एक
पथ परिवहन निगम की बस में धर्मपुर से मनीमाजरा के लिए एक यात्री ने सफर किया तो उसका आने और जाने का किराया अलग वसूला गया। हालांकि जाने के लिए परवाणू डिपो की बस थी, जबकि आने के लिए नालागढ़ डिपो की बस थी। ऐसे में जाने के लिए यात्री ने जाने के लिए 92 रुपये किराया दिया। आने के लिए 102 रुपये दिए। इसमें सीधा 10 रुपये अंतर आया।
इनसेट
टिकट का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी।
-रोहन चंद ठाकुर, एमडी, परिवहन निगम, शिमला