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Solan News: सोलन में बैंक कर्मियाें ने की हड़ताल, मालरोड पर निकाली रोष रैली
Sat, 12 Sep 2026 12:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:03 AM IST
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फाइव डे वीक सहित लंबित मुद्दों पर किया बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर आज देशभर में बैंक हड़ताल रही। सोलन में भी विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) में भेदभाव समाप्त करने और लंबित मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं।
मीडिया प्रभारी अजय ठाकुर ने बताया कि हम लोगों की मुख्य मांगें तीन प्रमुख मुद्दों से जुड़ी हैं। पहली मांग पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में दो दिन अवकाश और पांच दिन बैंक खोलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा और बैंकिंग व्यवस्था भी आधुनिक बनेगी।
दूसरी मांग प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) में भेदभाव समाप्त करने की है। बैंकर्स का कहना है कि पीएलआई में सभी कर्मचारियों के साथ समान और न्यायपूर्ण व्यवहार होना चाहिए। अजय ठाकुर ने कहा कि बैंकर्स अपनी इच्छा से हड़ताल नहीं करते। जब जायज मांगों पर समाधान नहीं होता है, तो आंदोलन मजबूरी बन जाता है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों ने देश के विकास और आम जनता तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण की किसी भी कोशिश का बैंकर्स विरोध करेंगे। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित अधिकारियों की होगी।
बैंकर्स की तीसरी प्रमुख मांग लंबे समय से लंबित अन्य मुद्दों का समाधान करना है। इनमें पेंशन का पुनरीक्षण और आकस्मिक कर्मचारियों का स्थायी समायोजन शामिल है। राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण का विरोध भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। बैंकर्स का कहना है कि सरकार को इन मुद्दों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
प्रदर्शन में बैंक यूनियनों के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें राजेश शाक्य, दिलावर चौहान, आशीष वालिया और जितेंद्र शर्मा शामिल थे। अंशुल अत्री, कुलदीप, सुनील, इरशाद और दीप्ति भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में अन्य बैंकर्स ने भी हड़ताल में भाग लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर आज देशभर में बैंक हड़ताल रही। सोलन में भी विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) में भेदभाव समाप्त करने और लंबित मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं।
मीडिया प्रभारी अजय ठाकुर ने बताया कि हम लोगों की मुख्य मांगें तीन प्रमुख मुद्दों से जुड़ी हैं। पहली मांग पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में दो दिन अवकाश और पांच दिन बैंक खोलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा और बैंकिंग व्यवस्था भी आधुनिक बनेगी।
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दूसरी मांग प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) में भेदभाव समाप्त करने की है। बैंकर्स का कहना है कि पीएलआई में सभी कर्मचारियों के साथ समान और न्यायपूर्ण व्यवहार होना चाहिए। अजय ठाकुर ने कहा कि बैंकर्स अपनी इच्छा से हड़ताल नहीं करते। जब जायज मांगों पर समाधान नहीं होता है, तो आंदोलन मजबूरी बन जाता है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों ने देश के विकास और आम जनता तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण की किसी भी कोशिश का बैंकर्स विरोध करेंगे। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित अधिकारियों की होगी।
बैंकर्स की तीसरी प्रमुख मांग लंबे समय से लंबित अन्य मुद्दों का समाधान करना है। इनमें पेंशन का पुनरीक्षण और आकस्मिक कर्मचारियों का स्थायी समायोजन शामिल है। राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण का विरोध भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। बैंकर्स का कहना है कि सरकार को इन मुद्दों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
प्रदर्शन में बैंक यूनियनों के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें राजेश शाक्य, दिलावर चौहान, आशीष वालिया और जितेंद्र शर्मा शामिल थे। अंशुल अत्री, कुलदीप, सुनील, इरशाद और दीप्ति भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में अन्य बैंकर्स ने भी हड़ताल में भाग लिया।