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दसवीं फेल डॉक्टर बन कर रहा था इलाज
ब्यूरो /अमर उजाला, बद्दी (सोलन)।
Updated Thu, 17 Dec 2015 11:33 PM IST
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बद्दी में स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से सीज तीनों क्लीनिकों के संचालक अवैध रूप से काम कर रहे थे। मौके से प्राप्त रिकार्ड में पाया गया कि एक क्लीनिक किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर चल रहा था जिसका संचालक दसवीं पास भी नहीं है। वह डॉक्टर बन बैठा है। जबकि एक क्लीनिक का संचालक चिकित्सक चिकित्सा पद्धति में क्वालीफाईड नहीं था। मतलब वह फेल था। जबकि तीसरे क्लीनिक में तैनात महिला भी रिकार्ड देने का वायदा कर मुकर गई। तीसरे क्लीनिक के कुछ रिकार्ड की अभी भी दरकार है।
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मंगलवार देर सायं सीएमओ डा. आरके दरोच के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बद्दी साई मार्ग पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने एक दर्जन निजी क्लीनिकों का निरीक्षण किया, लेकिन 9 संचालक टीम के आने से पहले ही दुकाने खुली छोड़ कर भाग गए।
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टीम ने बद्दी साई मार्ग पर धीमान क्लीनिक, वर्धमान मार्केट में विवेक अस्पताल व इसी मार्केट में डेंटल क्लीनिक वर्धमान का निरीक्षण कर रिकार्ड कब्जे में ले लिया था। इन तीनों क्लीनिक संचालकों के पास ऐसी कोई डिग्री व डिप्लोमा नहीं है जिससे वे किसी स्वास्थ्य संस्थान को संचालित कर सके। यहां तक की चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक चिकित्सा पद्घति में क्वालीफाईड नहीं थे।
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एक संचालक ने दसवीं की परीक्षा भी पास नहीं की थी। यह संचालक किसी और व्यक्ति के नाम पर प्रेक्टिस कर रहा था। सीएमओं ने संचालक को मौके पर ही प्रेक्टिस बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिन लोगों के नाम यह अस्पताल चलाये जा रहे हैं उन्हें विभाग की ओर से जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा।
सीएमओ डा. आरके दरोच ने बताया कि मौके पर जो रिकार्ड मिला है उसके मुताबिक यह तीनों संचालक क्लीनिक चलाने के लिए पात्र नहीं है। जबकि एक चिकित्सा पद्धति में ही डिस्क्वालीफाई है। इन तीनों क्लीनिकों में प्रेक्टिस पर रोक लगा दी गई है। जल्द ही इन्हें विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।