फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   अब नींव खोदने के लिए लेना होगा प्रमाणपत्र

अब नींव खोदने के लिए लेना होगा प्रमाणपत्र

Wed, 16 May 2018 10:10 PM IST
Updated Wed, 16 May 2018 10:10 PM IST
विज्ञापन
अब नींव खोदने के लिए लेना होगा प्रमाणपत्र
सोलन। अनधिकृत निर्माण के खिलाफ एक्शन मोड में आई नगर परिषद सोलन ने धरातल पर बिल्डरों को बांधने की तैयारी कर ली है। अब सोलन शहर में सभी नए निर्माणों के लिए नींव खोदते वक्त प्रमाणपत्र लेना पड़ेगा। नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता मौके पर जाकर नींव के आकार की जांच करेंगे और नक्शे के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करेंगे। इसके अलावा नियमित रूप से कनिष्ठ अभियंता निर्माण कार्य का जायजा भी लेंगे।
विज्ञापन

भविष्य में यदि निर्माण अनधिकृत पाया जाता है तो संबंधित कनिष्ठ अभियंता और भवन निर्माता के खिलाफ कार्रवाई होगी। नप सोलन इस प्रस्ताव को अमल में लाने जा रही है। इसी माह हाउस की बैठक होनी है। हालांकि इस बैठक का मूल एजेंडा शूलिनी मेले का रहेगा। लेकिन बैठक के दौरान ही रिटेंशन पॉलिसी और शहर में हो रहे अनधिकृत निर्माण पर चर्चा की जाएगी। इसमें नप शहर में नवनिर्माण पर पूरी तरह से रोक लगाने या फिर नींव डालते समय मानकों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने के नियमों को सख्ती से लागू करने पर फैसला ले सकती है। शहर में अनधिकृत निर्माण के करीब 163 मामले सामने आए हैं। नप ने इन भवन मालिकों को शुरुआत में नोटिस दिए थे। जांच के बाद जो निर्माण अनधिकृत पाए गए हैं उनकी रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भेजी जा चुकी है। इस पर अब फैसला न्यायालय को लेना है।
विज्ञापन


सख्ती से लागू करेंगे नियम : ठाकुर
नप के अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि नप दोराहे पर खड़ी है या तो निर्माण की इजाजत दे या बिल्कुल ही रोक लगा दे। निर्माण की इजाजत कनिष्ठ अभियंता के प्रमाणपत्र के आधार पर ही मिल सकती है। यह प्रमाणपत्र भवन का निर्माण शुरू करते वक्त लेना होगा। इसमें तय हो जाएगा कि भवन की दिशा और दशा क्या होगी। नप सख्ती से इस नियम को लागू करेगी। यदि विरोध होता है तो शहर में भविष्य में निर्माण की इजाजत ही नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उच्च न्यायालय को भेज रहे रिपोर्ट
अध्यक्ष ने कहा कि नप क्षेत्र में जिन लोगों ने नियम तोड़े हैं उनकी सारी रिपोर्ट उच्च न्यायालय में भेजी है। नप ने अनधिकृत निर्माण से जुड़ी सभी फाइलें और फोटोग्राफ उच्च न्यायालय को सौंपे हैं। मामले पर उच्च न्यायालय से जो भी आदेश आएंगे नप उन्हें पूरा करेगी। बताया कि नप ने निर्माण कर्ताओं को लगातार नोटिस दिए हैं। लेकिन उन्होंने नप के नोटिस को हर बार अनसुना कर दिया।


1995 से पूर्व नहीं चलते थे नियम
शहर में बहुमंजिला भवनों का निर्माण 1995 से पूर्व हुआ। 1995 में करीब 40 फीसदी हिस्से को नप से जोड़ा था उस समय तक नए हिस्से में कई बहुमंजिला भवन बन चुके थे। यही नहीं जिन इलाकों को जोड़ा गया उनमें न तो टीसीपी और न ही नगर परिषद के नियम चलते थे। इसकी वजह से निर्माण होता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed