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बद्दी में क्रेडिट कार्ड के नाम पर उपभोक्ताओं से लूट
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Banks charging customers unscruplously with penalty for non usage of credit card in BBN
बद्दी (सोलन)। भारतीय स्टेट बैंक के क्रेडिट कार्ड लोगों के गले की फांस बनते जा रहे हैं। इन्हें बंद करने के बावजूद रेंट के रूप में पैसा खाते से काटा जा रहा है। इससे बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, बैंक एसबीआई कार्ड को अपना मानने से इंकार कर रहा है लेकिन इस विभाग को बैंक में जगह दे रखी है। उपभोक्ता बैंक को देख कर इसके जाल में फंस रहे हैं।
वार्ड-2 निवासी केके कौशल का तीन साल पहले फोन पर बैंक कर्मी से बातचीत के बाद घर पर पोस्ट से क्रेडिट कार्ड पहुंच गया। उन्होंने तुरंत बैंक जाकर इसे बंद करने के लिए कहा लेकिन एक साल के बाद खाते से बिना पूछे 4949 रुपये काट दिए। जब उन्होंने बैंक में जाकर पूछताछ की तो कोई भी इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हुआ।
नालागढ़ पीएनबी से सेवाविृत्त अधिकारी आरके धीमान ने बताया कि 2006 में स्टेट बैंक आफ पटियाला के प्रबंधक के आग्रह पर क्रेडिट कार्ड इसलिए लिया था कि बैंक कर्मियों के लिए इसका कोई शुल्क नहीं था लेकिन कार्ड में पता नालागढ़ के बजाय बद्दी लिखा था। इस वजह से कार्ड एक्टिवेट नहीं किया लेकिन अब उनकी देनदारी दिखाई जा रही है।
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स्टेट बैंक बद्दी शाखा प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि एसबीआई कार्ड और स्टेट बैंक आफ इंडिया अलग-अलग शाखा हैं। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों को इस बारे में बताया गया है।
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वहीं, बैंक एसबीआई कार्ड को अपना मानने से इंकार कर रहा है लेकिन इस विभाग को बैंक में जगह दे रखी है। उपभोक्ता बैंक को देख कर इसके जाल में फंस रहे हैं।
वार्ड-2 निवासी केके कौशल का तीन साल पहले फोन पर बैंक कर्मी से बातचीत के बाद घर पर पोस्ट से क्रेडिट कार्ड पहुंच गया। उन्होंने तुरंत बैंक जाकर इसे बंद करने के लिए कहा लेकिन एक साल के बाद खाते से बिना पूछे 4949 रुपये काट दिए। जब उन्होंने बैंक में जाकर पूछताछ की तो कोई भी इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हुआ।
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नालागढ़ पीएनबी से सेवाविृत्त अधिकारी आरके धीमान ने बताया कि 2006 में स्टेट बैंक आफ पटियाला के प्रबंधक के आग्रह पर क्रेडिट कार्ड इसलिए लिया था कि बैंक कर्मियों के लिए इसका कोई शुल्क नहीं था लेकिन कार्ड में पता नालागढ़ के बजाय बद्दी लिखा था। इस वजह से कार्ड एक्टिवेट नहीं किया लेकिन अब उनकी देनदारी दिखाई जा रही है।
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स्टेट बैंक बद्दी शाखा प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि एसबीआई कार्ड और स्टेट बैंक आफ इंडिया अलग-अलग शाखा हैं। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों को इस बारे में बताया गया है।