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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   WBC test for snakebite cases is not being conducted at the regional hospital.

Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में नहीं हो रहा स्नैक बाइट में होने वाला डब्ल्यूबीसी टेस्ट

Sat, 12 Sep 2026 12:17 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Sat, 12 Sep 2026 12:17 AM IST
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सभी मरीजों को निजी क्लीनिकों में जाना पड़ रहा है टेस्ट करवाने के लिए
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टेस्ट से सांप के काटने के बाद मरीज में जहर की मात्रा का चलता है पता
एक माह में अस्पताल पहुंचे तीन दर्जन से ज्यादा सांप के काटने के मरीज
निशिल मेहता
सोलन। शहर व आसपास के क्षेत्रों में सांप के काटने के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, ऐसी स्थिति में भी सांप के काटने के बाद अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों को इंजेक्शन लगवाने से पहले होने वाले होल ब्लड क्लॉटिंग टेस्ट (डब्ल्यूबीसीटी) के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। ऐसे में उपचार करवाने के लिए पहुंचे मरीजों को भटकना पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल की न तो सरकारी और न ही क्रस्ना लैब में इस टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है।
डब्ल्यूबीसीटी के माध्यम से यह पता चलता है कि सांप के काटने के बाद दिया जा रहा इंजेक्शन असरदार है या नहीं। इस टेस्ट के माध्यम से शरीर में जहर के रक्त के साथ मिलने के कारण बनने वाले थक्के बनने की स्थिति की जानकारी मिलती है। यदि खून में थक्कों की संख्या अधिक हो तो मरीज को दिए जा रहे उपचार में तुरंत बदलाव किया जाता है और आपात स्थिति में उसे पहले ही बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है।
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सांप के काटने के बाद यह टेस्ट लगभग हर मरीज को लिखा जाता है, ताकि जहर के फैलने या कम होने और दवाओं के असर की स्थिति स्पष्ट हो सके। वहीं, अस्पताल इस टेस्ट की फिलहाल सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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क्षेत्रीय अस्पताल में पिछले दो माह में 70 लोग सांप के काटने के बाद उपचार करवाने के लिए पहुंचे हैं। इनमें से 37 मरीज पिछले माह अस्पताल पहुंचे हैं। अस्पताल में रोजाना एक से दो मरीज सांप के काटने के बाद उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें सबसे जरूरी टेस्ट की ही सुविधा नहीं मिल पा रही है।


कोट
अस्पताल में अभी डब्ल्यूबीसीटी टेस्ट की सुविधा नहीं है। अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता दी जा रही है। सांप के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे सभी मरीज ठीक हैं। वहीं, डॉक्टरों की टीम भी हर समय मरीजों की सेहत पर नजर रखे हुए है। -डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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