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सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्रों को क्लस्टर के रूप में संगठित करना सराहनीय : साक्षी

Sat, 27 Sep 2025 05:46 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Sep 2025 05:46 PM IST
सार

पांवटा साहिब में हिमाचल सरकार के उद्योग विभाग ने एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने हेतु एक दिवसीय जागरुकता कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में क्लस्टर विकास, पर्यावरण हितैषी उत्पादन और नीति कार्यान्वयन पर चर्चा हुई।

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workshop for industies

विस्तार

उद्योग विभाग हिमाचल सरकार ने लगाई जागरुकता कार्यशाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (जिला सिरमौर)। उद्योग विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से एक दिवसीय जागरुकता कार्यशाला का आयोजन हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एचसीसीआई), गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना रहा। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथियों में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र सिरमौर साक्षी सत्ती, सदस्य सचिव, कला अंब गुर प्यार, सहायक निदेशक एमएसएमई-डीएफओ सोलन अशोक पार्थ, हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की अध्यक्ष पांवटा इकाई सतीश कुमार गोयल व भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक से आलोक कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे।
साक्षी सती ने कहा कि भारत सरकार का सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्रों को क्लस्टर के रूप में संगठित करने का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। हिमाचल प्रदेश में इसे उद्योग विभाग के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जो स्थानीय उद्यमों को सशक्त और प्रगतिशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उद्योग विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एमएसई-सीडीपी) तथा एमएसएमई ग्रीनिंग पहल के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इन योजनाओं के अंतर्गत प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना, क्लस्टर आधारित विकास को प्रोत्साहित करना तथा पर्यावरण हितैषी उत्पादन को बढ़ाना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
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बैठक में रेजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस योजना तथा सर्कुलर इकॉनमी आधारित औद्योगिक विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने संसाधन दक्षता, उत्पादकता वृद्धि और छोटे व्यवसायों को प्रगतिशील बनाने और सुदृढ़ करने के लिए सुझाव साझा किए। उद्योग विभाग ने राज्य के एमएसएमई क्षेत्र को और सशक्त बनाने के लिए निरंतर संवाद, ज्ञान-साझेदारी और प्रभावी नीति कार्यान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस प्रकार विभाग ने प्रदेश को नवोन्मुखी और सतत औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रसर करने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों और औद्योगिक संगठनों के 65 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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