{"_id":"6a9ff5088184fe72c705389f","slug":"women-surgical-ward-begin-in-medical-college-again-nahan-news-c-177-1-nhn1002-188367-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: मेडिकल कॉलेज नाहन में शुरू हुआ महिला सर्जिकल वार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: मेडिकल कॉलेज नाहन में शुरू हुआ महिला सर्जिकल वार्ड
विज्ञापन
13 अप्रैल को प्रकाशित खबर।
इंपैक्ट-- -
-मरम्मत कार्य के चलते पुरुष सर्जिकल वार्ड में ही हो रहा था उपचार
-36 बिस्तरों वाले वार्ड में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने से बढ़ रही थी अव्यवस्था, अब मिलेगी राहत
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में महिला सर्जिकल वार्ड फिर से शुरू हो गया है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से सारी औपचारिकताएं पूरी करके महिला सर्जिकल वार्ड में बिस्तर स्थापित कर चालू कर दिया गया है। अब महिलाओं को उनके वार्ड में ही उपचार मिल रहा है।
दरअसल, महिला सर्जिकल वार्ड, स्टोर और ओपीडी क्षेत्र में सफेदी, बिजली की फिटिंग, छत की सीलिंग समेत अन्य मरम्मत और सुधार कार्य करीब दो वर्ष पहले शुरू किया गया था। इसके चलते महिला सर्जिकल वार्ड को बंद कर दिया गया था और महिला मरीजों के उपचार की व्यवस्था पुरुष सर्जिकल वार्ड में ही की गई थी। करीब 2.50 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे इस कार्य के चलते शुरुआत में वार्ड लगभग छह महीने तक बंद रहा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन इसकी गति धीमी रहने के कारण मरीजों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ी।
महिला सर्जिकल वार्ड की मरम्मत कार्य की धीमी गति और मरीजों को हो रही परेशानी का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। 13 अप्रैल के अंक में ‘नाहन अस्पताल के महिला वार्ड का मरम्मत कार्य धीमा, मरीज परेशान’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इसके अस्पताल प्रबंधन की ओर से मरम्मत कार्य को पूरा करने की प्रक्रिया जारी रही। अब कार्य पूरा होने के बाद महिला मरीजों को उनके निर्धारित वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज नाहन की सर्जिकल ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 120 से 150 मरीज उपचार और जांच के लिए पहुंचते हैं। सिरमौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते 36 बिस्तरों वाले वार्ड में उपलब्ध सीमित संसाधनों के बीच स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना चुनौती बना हुआ था। महिला सर्जिकल वार्ड के दोबारा शुरू होने से अब महिला मरीजों को अलग वार्ड में भर्ती करने की सुविधा मिल गई है।
मेडिकल कॉलेज नाहन की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने बताया कि महिला सर्जिकल वार्ड का संचालन शुरू कर दिया गया है। वार्ड में आवश्यक बिस्तर स्थापित कर दिए गए हैं और महिला मरीजों को अब उनके वार्ड में ही उपचार की सुविधा मिल रही है। वार्ड के अलावा मरम्मत से संबंधित जो अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें भी जल्द पूरा करवाया जाएगा।-- -- -
विज्ञापन
-मरम्मत कार्य के चलते पुरुष सर्जिकल वार्ड में ही हो रहा था उपचार
-36 बिस्तरों वाले वार्ड में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने से बढ़ रही थी अव्यवस्था, अब मिलेगी राहत
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में महिला सर्जिकल वार्ड फिर से शुरू हो गया है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से सारी औपचारिकताएं पूरी करके महिला सर्जिकल वार्ड में बिस्तर स्थापित कर चालू कर दिया गया है। अब महिलाओं को उनके वार्ड में ही उपचार मिल रहा है।
दरअसल, महिला सर्जिकल वार्ड, स्टोर और ओपीडी क्षेत्र में सफेदी, बिजली की फिटिंग, छत की सीलिंग समेत अन्य मरम्मत और सुधार कार्य करीब दो वर्ष पहले शुरू किया गया था। इसके चलते महिला सर्जिकल वार्ड को बंद कर दिया गया था और महिला मरीजों के उपचार की व्यवस्था पुरुष सर्जिकल वार्ड में ही की गई थी। करीब 2.50 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे इस कार्य के चलते शुरुआत में वार्ड लगभग छह महीने तक बंद रहा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन इसकी गति धीमी रहने के कारण मरीजों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ी।
विज्ञापन
महिला सर्जिकल वार्ड की मरम्मत कार्य की धीमी गति और मरीजों को हो रही परेशानी का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। 13 अप्रैल के अंक में ‘नाहन अस्पताल के महिला वार्ड का मरम्मत कार्य धीमा, मरीज परेशान’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इसके अस्पताल प्रबंधन की ओर से मरम्मत कार्य को पूरा करने की प्रक्रिया जारी रही। अब कार्य पूरा होने के बाद महिला मरीजों को उनके निर्धारित वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज नाहन की सर्जिकल ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 120 से 150 मरीज उपचार और जांच के लिए पहुंचते हैं। सिरमौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते 36 बिस्तरों वाले वार्ड में उपलब्ध सीमित संसाधनों के बीच स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना चुनौती बना हुआ था। महिला सर्जिकल वार्ड के दोबारा शुरू होने से अब महिला मरीजों को अलग वार्ड में भर्ती करने की सुविधा मिल गई है।
मेडिकल कॉलेज नाहन की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने बताया कि महिला सर्जिकल वार्ड का संचालन शुरू कर दिया गया है। वार्ड में आवश्यक बिस्तर स्थापित कर दिए गए हैं और महिला मरीजों को अब उनके वार्ड में ही उपचार की सुविधा मिल रही है। वार्ड के अलावा मरम्मत से संबंधित जो अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें भी जल्द पूरा करवाया जाएगा।

13 अप्रैल को प्रकाशित खबर।