{"_id":"6aaa8b2e2bc8d9a0d00e760c","slug":"bhagvat-katha-in-dublu-village-nahan-news-c-177-1-ssml1028-189052-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: डुबलू गांव में सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: डुबलू गांव में सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा का समापन
विज्ञापन
राजगढ़ के डुबलू गांव में श्रीमदभागवत कथा के दौरान महिलाएं। संवाद
सचित्र--
डुबलू गांव में सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। विकास खंड राजगढ़ की ग्राम पंचायत टिक्कर के डुबलू गांव में वर्मा परिवार की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को यज्ञ की पूर्णाहुति से समापन हुआ। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में श्रीमद्भागवत कथा का व्याख्यान आचार्य सुमित भारद्वाज ने किया।
व्यास पीठ से प्रवचन करते हुए आचार्य सुमित भारद्वाज ने कर्मों के फल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार में सुख-दुख में साथ देने वाले अनेक लोग मिल सकते हैं, लेकिन कर्मों का साथी कोई नहीं होता। मनुष्य को अपने कर्मों का फल स्वयं ही भोगना पड़ता है। उन्होंने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया।
कथा के अंतिम दिन पच्छाद विधायक रीना कश्यप भी भागवत कथा में पहुंचीं और व्यास पीठ से आशीर्वाद ग्रहण किया। इस दौरान संतों का भी आगमन हुआ। वर्मा परिवार की ओर से संतों एवं अतिथियों की पूजा-अर्चना कर विधिवत आतिथ्य सत्कार किया गया। ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय माहौल के बीच भागवत जी की विदाई की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखाई दीं और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।-- -- -- -- -- -
विज्ञापन
विज्ञापन
डुबलू गांव में सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। विकास खंड राजगढ़ की ग्राम पंचायत टिक्कर के डुबलू गांव में वर्मा परिवार की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को यज्ञ की पूर्णाहुति से समापन हुआ। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में श्रीमद्भागवत कथा का व्याख्यान आचार्य सुमित भारद्वाज ने किया।
व्यास पीठ से प्रवचन करते हुए आचार्य सुमित भारद्वाज ने कर्मों के फल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार में सुख-दुख में साथ देने वाले अनेक लोग मिल सकते हैं, लेकिन कर्मों का साथी कोई नहीं होता। मनुष्य को अपने कर्मों का फल स्वयं ही भोगना पड़ता है। उन्होंने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया।
विज्ञापन
कथा के अंतिम दिन पच्छाद विधायक रीना कश्यप भी भागवत कथा में पहुंचीं और व्यास पीठ से आशीर्वाद ग्रहण किया। इस दौरान संतों का भी आगमन हुआ। वर्मा परिवार की ओर से संतों एवं अतिथियों की पूजा-अर्चना कर विधिवत आतिथ्य सत्कार किया गया। ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय माहौल के बीच भागवत जी की विदाई की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखाई दीं और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
विज्ञापन