{"_id":"68a71d414a07cc3d83010581","slug":"there-is-no-bridge-on-jalal-khad-people-of-three-panchayats-are-troubled-nahan-news-c-177-1-ssml1028-157712-2025-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: जलाल खड्ड पर पुल नहीं, तीन पंचायतों के लोग परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: जलाल खड्ड पर पुल नहीं, तीन पंचायतों के लोग परेशान
विज्ञापन
पुल बनने से धार टिक्करी, जयहर और अन्य पंचायतों को मिलेगा सीधा लाभ
नाबार्ड के तहत प्रपोजल भेजा, उच्च अधिकारियों की मंजूरी का इंतजार
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों को लाभान्वित करने वाली सराहां-कोट डढोल सड़क पर चढ्याना गांव के पास जलाल खड्ड पर पुल न बनने से चार पंचायतों के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सरकार और विभाग से गुहार लगाई है कि इस बरसात के बाद पुल का निर्माण करवाया जाए, ताकि अगले साल बरसात में किसानों और दूध उत्पादकों को नकदी फसलें व दूध बेचने में परेशानी न हो।
बताया जाता है कि इस सड़क पर सरकारी और निजी बस सेवा चलती है, लेकिन चढ्याना गांव के पास जलाल खड्ड पर पुल न होने से बरसात में सड़क अकसर बंद हो जाती है। इसके चलते किसानों, बागवानों और दूध उत्पादकों को घंटों पैदल चलना पड़ता है। वहीं, स्कूली बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। यदि यहां पुल बनता है तो सीधे तौर पर करीब दस हजार लोगों को फायदा मिलेगा। इस सड़क से धार टिक्करी, डिंगर किन्नर, जयहर, लाना बांका और बागथन पंचायतों के लोग जुड़ते हैं।
विज्ञापन
क्षेत्रवासी जितेंद्र ठाकुर, पूर्व पंचायत प्रधान दलीप सिंह, धार टिक्करी पंचायत प्रधान अरुणा ठाकुर, उपप्रधान संदीप कुमार, जीत सिंह, अर्जुन सिंह और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बरसात में खड्ड में पानी बढ़ने से यातायात बाधित हो जाता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभाग को चाहिए कि हजारों लोगों को लाभान्वित करने वाली इस सड़क पर शीघ्र पुल का निर्माण किया जाए।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दलीप सिंह कौंडल ने बताया कि सड़क को नाबार्ड के तहत बनाने के लिए मूल्यांकन कर दिया गया है और चढ्याना गांव के पास पुल निर्माण का प्रपोजल बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।
विज्ञापन
नाबार्ड के तहत प्रपोजल भेजा, उच्च अधिकारियों की मंजूरी का इंतजार
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों को लाभान्वित करने वाली सराहां-कोट डढोल सड़क पर चढ्याना गांव के पास जलाल खड्ड पर पुल न बनने से चार पंचायतों के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सरकार और विभाग से गुहार लगाई है कि इस बरसात के बाद पुल का निर्माण करवाया जाए, ताकि अगले साल बरसात में किसानों और दूध उत्पादकों को नकदी फसलें व दूध बेचने में परेशानी न हो।
विज्ञापन
बताया जाता है कि इस सड़क पर सरकारी और निजी बस सेवा चलती है, लेकिन चढ्याना गांव के पास जलाल खड्ड पर पुल न होने से बरसात में सड़क अकसर बंद हो जाती है। इसके चलते किसानों, बागवानों और दूध उत्पादकों को घंटों पैदल चलना पड़ता है। वहीं, स्कूली बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। यदि यहां पुल बनता है तो सीधे तौर पर करीब दस हजार लोगों को फायदा मिलेगा। इस सड़क से धार टिक्करी, डिंगर किन्नर, जयहर, लाना बांका और बागथन पंचायतों के लोग जुड़ते हैं।
विज्ञापन
क्षेत्रवासी जितेंद्र ठाकुर, पूर्व पंचायत प्रधान दलीप सिंह, धार टिक्करी पंचायत प्रधान अरुणा ठाकुर, उपप्रधान संदीप कुमार, जीत सिंह, अर्जुन सिंह और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बरसात में खड्ड में पानी बढ़ने से यातायात बाधित हो जाता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभाग को चाहिए कि हजारों लोगों को लाभान्वित करने वाली इस सड़क पर शीघ्र पुल का निर्माण किया जाए।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दलीप सिंह कौंडल ने बताया कि सड़क को नाबार्ड के तहत बनाने के लिए मूल्यांकन कर दिया गया है और चढ्याना गांव के पास पुल निर्माण का प्रपोजल बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।