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Sirmour News: गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर समागम का आयोजन
Sun, 09 Jun 2024 11:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Sun, 09 Jun 2024 11:59 PM IST
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शब्द-कीर्तन कर संगत को किया निहाल
ढांग उपरली अकाल बुंगा गुरुद्वारा साहिब में हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के ढांग उपरली स्थित अकाल बुंगा साहिब गुरुद्वारा में गुरुअर्जन देव के शहीदी दिवस को समर्पित गुरमत समागम का आयोजन किया गया। इस मौके पर शब्द कीर्तन कर संगत को निहाल किया गया। शुक्रवार को शुरू हुए अखंड पाठ का भोग रविवार को डाला गया। इस मौके पर दीवान सजाया गया। गुरुनानक पब्लिक स्कूल के बच्चों ने गुरु की बाणी का बखान कर उपस्थित संगत को निहाल किया।
गुरमत प्रचार ट्रस्ट के रागी जत्था भाई हरि सिंह ने शबद कीर्तन कर संगत को गुरु की वाणी सुनाई। उन्होंने जिसका साहिब डाडा होए, बिन भागा सतसंग ना लभे शब्द गायन कर संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। कविशरी जत्था के भाई गुरजंट सिंह बैंका ने गुरु अर्जन देव जी का इतिहास सुनाकर लोगों को जानकारी। गुरु ने धर्म का सम्मान करते हुए उस समय के बादशाह की सभी बातें मानने से इंकार कर दिया ओर शहीद होना उचित समझा। इस मौके पर अटूट लंगर का आयोजन किया गया जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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ढांग उपरली अकाल बुंगा गुरुद्वारा साहिब में हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के ढांग उपरली स्थित अकाल बुंगा साहिब गुरुद्वारा में गुरुअर्जन देव के शहीदी दिवस को समर्पित गुरमत समागम का आयोजन किया गया। इस मौके पर शब्द कीर्तन कर संगत को निहाल किया गया। शुक्रवार को शुरू हुए अखंड पाठ का भोग रविवार को डाला गया। इस मौके पर दीवान सजाया गया। गुरुनानक पब्लिक स्कूल के बच्चों ने गुरु की बाणी का बखान कर उपस्थित संगत को निहाल किया।
गुरमत प्रचार ट्रस्ट के रागी जत्था भाई हरि सिंह ने शबद कीर्तन कर संगत को गुरु की वाणी सुनाई। उन्होंने जिसका साहिब डाडा होए, बिन भागा सतसंग ना लभे शब्द गायन कर संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। कविशरी जत्था के भाई गुरजंट सिंह बैंका ने गुरु अर्जन देव जी का इतिहास सुनाकर लोगों को जानकारी। गुरु ने धर्म का सम्मान करते हुए उस समय के बादशाह की सभी बातें मानने से इंकार कर दिया ओर शहीद होना उचित समझा। इस मौके पर अटूट लंगर का आयोजन किया गया जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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