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वायरल की चपेट में नौनिहाल, डेढ़ दर्जन भर्ती

Tue, 05 Oct 2021 12:00 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 12:00 AM IST
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health facility in sirmaur
सिविल अस्पताल पांवटा उपचाराधीन नौनिहाल। - फोटो : NAHAN
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब क्षेत्र के बच्चे इन दिनों वायरल की चपेट में आ रहे हैं जिसमें सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया के मरीज अधिक हैं। इस समय पांवटा अस्पताल में डेढ़ दर्जन बच्चे अस्पताल में उपचाराधीन हैं। हालांकि शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह सामान्य वायरल है, इससे परिजनों को घबराने की जरूरत नहीं है। कई बच्चों के कोविड-19 टेस्ट भी करवाए गए हैं जिसमें अब तक सभी बीमार बच्चों के टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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बता दें कि कुछ दिनों से सिविल अस्पताल के आउटडोर में दिखाने के लिए नौनिहाल मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। रोज ही वायरल, सर्दी, खांसी, जुखाम, निमोनिया से पीड़ित अधिकतर बच्चे पहुंच रहे हैं। कुछ दिनों से पांवटा और शिलाई विस क्षेत्र से स्वास्थ्य जांच को पहुंचने वाले बच्चों की संख्या 80 से 100 के बीच पहुंच रही है। मौसम में बदलाव के साथ ही अस्पताल में भर्ती बाल मरीजों की डेढ़ दर्जन तक पहुंच गई है। इन बीमार बच्चों में अधिकतर सर्दी, खांसी, जुखाम, वायरल है।
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शिशु रोग विशेषज्ञ का कहना है कि हर वर्ष इन दिनों औसतन एक सौ तक बाल मरीज उपचार को पहुंचते रहे हैं। अधिकतर बीमार इन बच्चों को नियमित दवा और उपचार के बाद स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है लेकिन लोगों को कोरोना वायरस की आशंका और घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि मौसम में बदलाव के कारण इस तरह की बीमारियां पनपती है। डॉक्टरों के अनुसार इस तरह के मौसमी बीमारियों में दवा के साथ गर्म पानी का उपयोग करना एवं भाप लेना फायदेमंद रहता है। केवल वही बाल रोगी भर्ती किया जाता है जिसकी तबीयत ज्यादा खराब होती है। पांवटा अस्पताल में नए जन्मे बच्चे के इलाज एवं भर्ती के लिए विशेष व्यवस्था है। इसके लिए विशेष वार्ड बनाया गया है।
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अस्पताल में नवजात समेत बाल रोगियों के लिए करीब 21 बिस्तर हैं जहां इस तरह के बच्चों को भर्ती कराया जाता है। चिकित्सकों की माने तो अधिकतर परिजन स्वास्थ्य जांच के बाद दवा लेकर बच्चों को घर ले जाते हैं।

सिविल अस्पताल प्रभारी एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ जैन ने कहा कि अधिकतर मरीजों में सर्दी, खांसी, निमोनिया और बुखार मौसम में बदलाव के कारण होने वाला वायरल है। इसमें कोरोना वायरस की आशंका करने की जरूरत नहीं है। कुछ बच्चों की कोविड- सैंपलिंग भी करवाई है लेकिन अब तक सभी की रिपोर्ट नेगेटिव निकली है।
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