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Sirmour News: 8,370 फीट की ऊंचाई पर रितिका ने रचा इतिहास, सिरमौर की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
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राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह की फाइनल ईयर की छात्रा एवं एनसीसी कैडेट अंडर ऑफिसर रितिका। संवाद
एनसीसी की 20 छात्रा कैडेटों में चयनित होकर पारंगला अभियान किया सफल और साहस से बढ़ाया संगड़ाह कॉलेज का गौरव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का मिला गौरव, रक्षा मंत्री की मौजूदगी में नई दिल्ली में की अभियान के उद्घाटन समारोह की एंकरिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। कहते हैं कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके हौसलों में उड़ान होती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह की फाइनल ईयर की छात्रा एवं एनसीसी कैडेट अंडर ऑफिसर रितिका ने।
भलाड़ भलोना पंचायत के भलोना गांव निवासी मोहन लाल की बेटी रितिका ने अपनी मेहनत, साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर न केवल अपने परिवार और गांव, बल्कि पूरे सिरमौर और राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह का नाम रोशन किया है।
1 एचपी (जी) बीएन एनसीसी सोलन बटालियन और संगड़ाह कालेज की कैडेट रितिका ने देशभर से चयनित महज 20 छात्रा कैडेटों में स्थान बनाकर लगभग 18,370 फीट की ऊंचाई पर पारंगला अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। जून 2026 में सोलंग वैली में हुई कठिन चयन प्रक्रिया में सफलता हासिल करने के बाद उनका अभियान 15 अगस्त से 30 सितंबर तक चला।
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यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह केवल एक पर्वत अभियान की सफलता नहीं, बल्कि यह संदेश है कि छोटे गांवों की बेटियां भी बड़े सपने देख सकती हैं और उन्हें पूरा करने का साहस रखती हैं। रितिका ने अभियान के दौरान अपनी शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। इसके साथ ही उन्हें नई दिल्ली में आयोजित अभियान के उद्घाटन समारोह में देश के रक्षा मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में एंकरिंग करने का अवसर भी मिला। अभियान के समापन पर उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने का गौरव प्राप्त हुआ।
रितिका की यह यात्रा उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो परिस्थितियों को अपनी राह की बाधा मान लेते हैं। उनकी कहानी बताती है कि संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन हौसले सीमित नहीं होने चाहिए।
राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. वेद प्रकाश ने रितिका को बधाई देते हुए कहा कि उनकी लगन, अनुशासन, साहस और दृढ़ता ने महाविद्यालय एवं सिरमौर का नाम रोशन किया है और उनकी उपलब्धि विशेषकर छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। एनसीसी एएनओ लेफ्टिनेंट कविता चौहान ने भी रितिका की उपलब्धि को गौरवपूर्ण बताते हुए उन्हें बधाई दी। महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने रितिका का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का मिला गौरव, रक्षा मंत्री की मौजूदगी में नई दिल्ली में की अभियान के उद्घाटन समारोह की एंकरिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। कहते हैं कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके हौसलों में उड़ान होती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह की फाइनल ईयर की छात्रा एवं एनसीसी कैडेट अंडर ऑफिसर रितिका ने।
भलाड़ भलोना पंचायत के भलोना गांव निवासी मोहन लाल की बेटी रितिका ने अपनी मेहनत, साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर न केवल अपने परिवार और गांव, बल्कि पूरे सिरमौर और राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह का नाम रोशन किया है।
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1 एचपी (जी) बीएन एनसीसी सोलन बटालियन और संगड़ाह कालेज की कैडेट रितिका ने देशभर से चयनित महज 20 छात्रा कैडेटों में स्थान बनाकर लगभग 18,370 फीट की ऊंचाई पर पारंगला अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। जून 2026 में सोलंग वैली में हुई कठिन चयन प्रक्रिया में सफलता हासिल करने के बाद उनका अभियान 15 अगस्त से 30 सितंबर तक चला।
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यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह केवल एक पर्वत अभियान की सफलता नहीं, बल्कि यह संदेश है कि छोटे गांवों की बेटियां भी बड़े सपने देख सकती हैं और उन्हें पूरा करने का साहस रखती हैं। रितिका ने अभियान के दौरान अपनी शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। इसके साथ ही उन्हें नई दिल्ली में आयोजित अभियान के उद्घाटन समारोह में देश के रक्षा मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में एंकरिंग करने का अवसर भी मिला। अभियान के समापन पर उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने का गौरव प्राप्त हुआ।
रितिका की यह यात्रा उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो परिस्थितियों को अपनी राह की बाधा मान लेते हैं। उनकी कहानी बताती है कि संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन हौसले सीमित नहीं होने चाहिए।
राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. वेद प्रकाश ने रितिका को बधाई देते हुए कहा कि उनकी लगन, अनुशासन, साहस और दृढ़ता ने महाविद्यालय एवं सिरमौर का नाम रोशन किया है और उनकी उपलब्धि विशेषकर छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। एनसीसी एएनओ लेफ्टिनेंट कविता चौहान ने भी रितिका की उपलब्धि को गौरवपूर्ण बताते हुए उन्हें बधाई दी। महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने रितिका का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।