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Sirmour News: ईओ छुट्टी पर, इकलौते जेई का तबादला, नगर परिषद में विकास कार्यों पर ब्रेक
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ईओ 12 सितंबर से अवकाश पर, स्ट्रीट लाइट मरम्मत, कचरा प्रबंधन केंद्र और वार्डों के विकास कार्यों के टेंडर अटके
एमआरएफ केंद्र की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में आ रही दिक्कत
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। नगर परिषद नाहन में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी का असर अब विकास कार्यों और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं पर दिखाई देने लगा है। वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार 12 सितंबर से अवकाश पर हैं। वहीं, परिषद के एकमात्र कनिष्ठ अभियंता का भी पांवटा साहिब तबादला हो गया है। ईओ के लंबे अवकाश के बावजूद अभी तक किसी अन्य अधिकारी को इस पद का अतिरिक्त कार्यभार नहीं सौंपा है। इससे प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तर के काम प्रभावित हो रहे हैं।
नगर परिषद में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का काम प्रभावित है। वार्डों में होने वाले कार्यों के टेंडर लंबित हैं। इसके अलावा कचरा प्रबंधन योजना के तहत कचरा प्रबंधन केंद्र (एमआरएफ) का काम भी शुरू होना है, लेकिन अधिकारियों की कमी के कारण इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में दिक्कत आ रही है। टेंडर प्रक्रिया भी प्रभावित है।
जेई के तबादले से परिषद की तकनीकी व्यवस्था पर असर पड़ा है। विकास कार्यों से जुड़े टेंडर, तकनीकी जांच और अन्य प्रक्रियाओं के लिए तकनीकी अधिकारी की जरूरत होती है। ऐसे में जेई का पद रिक्त होने से विकास कार्यों की प्रक्रिया प्रभावित होने की स्थिति है।
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वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी के अवकाश पर होने से प्रशासनिक काम भी प्रभावित हैं। परिषद से जारी होने वाले विभिन्न प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेजी कार्यों के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकारियों की अनुपलब्धता का असर अब सीधे शहरवासियों के जरूरी कामों पर दिखाई देने लगा है।
119 में से 39 पद खाली
नगर परिषद में कर्मचारियों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। 119 स्वीकृत पदों में 74 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 39 पद रिक्त हैं। इसके अलावा दो कर्मचारी दैनिक भोगी और तीन कर्मचारी आउटसोर्स आधार पर कार्यरत हैं। परिषद में सैनिटरी इंस्पेक्टर के दोनों पद खाली हैं। माली के सभी आठ पद भी रिक्त हैं।
38 स्वीकृत बेलदार पदों में चार, 35 सफाई कर्मचारी पदों में छह और चार चपरासी पदों में तीन पद खाली हैं। चार स्वीकृत ड्राइवर पदों में से दो पर भी नियुक्ति नहीं है।
शहरवासी रमन, शीला देवी, सीमा और नीतिन कुमार ने कहा कि अधिकारियों की कमी का असर शहर की व्यवस्थाओं और लोगों के जरूरी कामों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से रिक्त पदों को जल्द भरने और ईओ के स्थान पर तत्काल किसी अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपने की मांग की है।
पद रिक्त होने से काम प्रभावित
वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी 12 सितंबर से अवकाश पर हैं। कनिष्ठ अभियंता का तबादला हुआ है। पद रिक्त होने के चलते समस्या आ रही है और कार्यालय के कार्यों के साथ लोगों के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार से मांग उठाई गई है।
-उपमा धीमान, अध्यक्ष, नगर परिषद नाहन
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एमआरएफ केंद्र की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में आ रही दिक्कत
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। नगर परिषद नाहन में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी का असर अब विकास कार्यों और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं पर दिखाई देने लगा है। वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार 12 सितंबर से अवकाश पर हैं। वहीं, परिषद के एकमात्र कनिष्ठ अभियंता का भी पांवटा साहिब तबादला हो गया है। ईओ के लंबे अवकाश के बावजूद अभी तक किसी अन्य अधिकारी को इस पद का अतिरिक्त कार्यभार नहीं सौंपा है। इससे प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तर के काम प्रभावित हो रहे हैं।
नगर परिषद में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का काम प्रभावित है। वार्डों में होने वाले कार्यों के टेंडर लंबित हैं। इसके अलावा कचरा प्रबंधन योजना के तहत कचरा प्रबंधन केंद्र (एमआरएफ) का काम भी शुरू होना है, लेकिन अधिकारियों की कमी के कारण इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में दिक्कत आ रही है। टेंडर प्रक्रिया भी प्रभावित है।
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जेई के तबादले से परिषद की तकनीकी व्यवस्था पर असर पड़ा है। विकास कार्यों से जुड़े टेंडर, तकनीकी जांच और अन्य प्रक्रियाओं के लिए तकनीकी अधिकारी की जरूरत होती है। ऐसे में जेई का पद रिक्त होने से विकास कार्यों की प्रक्रिया प्रभावित होने की स्थिति है।
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वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी के अवकाश पर होने से प्रशासनिक काम भी प्रभावित हैं। परिषद से जारी होने वाले विभिन्न प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेजी कार्यों के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकारियों की अनुपलब्धता का असर अब सीधे शहरवासियों के जरूरी कामों पर दिखाई देने लगा है।
119 में से 39 पद खाली
नगर परिषद में कर्मचारियों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। 119 स्वीकृत पदों में 74 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 39 पद रिक्त हैं। इसके अलावा दो कर्मचारी दैनिक भोगी और तीन कर्मचारी आउटसोर्स आधार पर कार्यरत हैं। परिषद में सैनिटरी इंस्पेक्टर के दोनों पद खाली हैं। माली के सभी आठ पद भी रिक्त हैं।
38 स्वीकृत बेलदार पदों में चार, 35 सफाई कर्मचारी पदों में छह और चार चपरासी पदों में तीन पद खाली हैं। चार स्वीकृत ड्राइवर पदों में से दो पर भी नियुक्ति नहीं है।
शहरवासी रमन, शीला देवी, सीमा और नीतिन कुमार ने कहा कि अधिकारियों की कमी का असर शहर की व्यवस्थाओं और लोगों के जरूरी कामों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से रिक्त पदों को जल्द भरने और ईओ के स्थान पर तत्काल किसी अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपने की मांग की है।
पद रिक्त होने से काम प्रभावित
वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी 12 सितंबर से अवकाश पर हैं। कनिष्ठ अभियंता का तबादला हुआ है। पद रिक्त होने के चलते समस्या आ रही है और कार्यालय के कार्यों के साथ लोगों के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार से मांग उठाई गई है।
-उपमा धीमान, अध्यक्ष, नगर परिषद नाहन