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हाथियों ने सतीवाला-बहराल में तबाह की धान, चारा और तार-बाढ़ क्षतिग्रस्त
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बहराल-सतीवाला में हाथियों के उत्पात से नष्ट हुआ पशुचारा। संवाद
- फोटो : NAHAN
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के राजा जी पार्क से हाथियों का झुंड पांवटा के बहराल-सतीवाला में पहुंच गया, जहां खूब उत्पात मचाया। हाथियों ने किसानों की धान की फसल, पशुचारा (चैरी) और तार-बाढ़ को तहस-नहस कर भारी नुकसान पहुंचाया। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बहराल और सतीवाला गांव में हाथियों का सबसे अधिक खौफ है। महिलाएं खेतों में जानेे से डर रही हैं। परिजन छोटे बच्चों को बाहर भेजने से कतराने लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन पांवटा साहिब ब्लॉक अध्यक्ष जसविंद्र सिंह बिलिंग, प्रदीप सिंह और रमन सिंह ने बताया कि ग्राम बहराल व सतीवाला में हाथियों के झुंड ने आतंक मचा रखा है।
उत्तराखंड के राजा जी नेशनल पार्क से यमुना नदी पार करके हाथी पांवटा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। इस बार भी हाथियों के झुंड आने शुरू हो गए हैं। अब स्थानीय ग्रामीणों ने आधा दर्जन से अधिक हाथियों को गांव के आसपास देखा है, जो सतीवाला और बहराल पंचायत क्षेत्र में खूब उत्पात मचा रहे हैं।
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इन दोनों गांवों में परविंदर सिंह, रणदीप सिंह राणा और जगपाल सिंह समेत किसानों की खेतों में खड़ी धान और चैरी(पशुचारा) के साथ-साथ तार-बाढ़ को भारी क्षति पहुंचाई। खेतों में आम के पौधों को भी उखाड़ दिया। स्थानीय किसानों ने वन विभाग से इन हाथियों के झुंड को सिंबलवाड़ा नेशनल पार्क, हरियाणा के कलेसर या वापस पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में खदेड़ने का आग्रह किया है।
डीएफओ कुणाल अंग्रीश ने कहा कि इस तरह की सूचना मिली है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि क्षेत्र में हाथी नजर आने पर तुरंत सूचना वन विभाग को दें। खुद ऐसे स्थल पर जाने का जोखिम न उठाएं।
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बहराल और सतीवाला गांव में हाथियों का सबसे अधिक खौफ है। महिलाएं खेतों में जानेे से डर रही हैं। परिजन छोटे बच्चों को बाहर भेजने से कतराने लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन पांवटा साहिब ब्लॉक अध्यक्ष जसविंद्र सिंह बिलिंग, प्रदीप सिंह और रमन सिंह ने बताया कि ग्राम बहराल व सतीवाला में हाथियों के झुंड ने आतंक मचा रखा है।
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उत्तराखंड के राजा जी नेशनल पार्क से यमुना नदी पार करके हाथी पांवटा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। इस बार भी हाथियों के झुंड आने शुरू हो गए हैं। अब स्थानीय ग्रामीणों ने आधा दर्जन से अधिक हाथियों को गांव के आसपास देखा है, जो सतीवाला और बहराल पंचायत क्षेत्र में खूब उत्पात मचा रहे हैं।
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इन दोनों गांवों में परविंदर सिंह, रणदीप सिंह राणा और जगपाल सिंह समेत किसानों की खेतों में खड़ी धान और चैरी(पशुचारा) के साथ-साथ तार-बाढ़ को भारी क्षति पहुंचाई। खेतों में आम के पौधों को भी उखाड़ दिया। स्थानीय किसानों ने वन विभाग से इन हाथियों के झुंड को सिंबलवाड़ा नेशनल पार्क, हरियाणा के कलेसर या वापस पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में खदेड़ने का आग्रह किया है।
डीएफओ कुणाल अंग्रीश ने कहा कि इस तरह की सूचना मिली है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि क्षेत्र में हाथी नजर आने पर तुरंत सूचना वन विभाग को दें। खुद ऐसे स्थल पर जाने का जोखिम न उठाएं।

बहराल के समीप से गुजरता हाथियों का झुंड। संवाद- फोटो : NAHAN

पांवटा के बहराल-सतीवाला में नष्ट की गई फसल। संवाद- फोटो : NAHAN