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Sirmour News: भारतीय अर्थव्यवस्था के बदलते वैश्विक परिदृश्य व सतत विकास पर विचार मंथन
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पांवटा साहिब में भारतीय अर्थव्यवस्था व वैश्विक परिदृश्य पर राष्ट्रीय स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला
एचपीयू के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने किया शुभारंभ, 300 शिक्षाविद् और शोधार्थी ले रहे हिस्सा
सतत विकास के लिए स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शोध पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। श्री गुरु गोबिंद सिंह राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब में भारतीय अर्थव्यवस्था के बदलते वैश्विक परिदृश्य, अवसरों और चुनौतियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ। अर्थशास्त्र विभाग ने वाणिज्य विभाग के सहयोग से 16 और 17 अक्तूबर को सम्मेलन आयोजित किया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। इसमें देशभर से करीब 300 शिक्षाविद्, शोधार्थी, उद्योग विशेषज्ञ और नीति निर्माता ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन के पहले दिन भारतीय अर्थव्यवस्था में बदलाव, तकनीकी नवाचार, ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय असमानताओं और सतत विकास पर चर्चा हुई। हिमाचल की अर्थव्यवस्था और सतत विकास पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य अतिथि प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध, अंतर्विषयक सहयोग और अकादमिक उत्कृष्टता वर्तमान समय की जरूरत हैं। आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में डेटा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों की भूमिका बढ़ रही है। उन्होंने सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और हाइड्रोजन ऊर्जा जैसे स्वच्छ विकल्पों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
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सम्मेलन में मुख्य वक्ता एसपीयू मंडी के पूर्व कुलपति प्रो. सीएल चंदन और आईआईएम सिरमौर के प्रो. एसएस पटनायक ने विचार रखे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के शिक्षाविद्, प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी अपने शोधपत्र व विचार प्रस्तुत कर रहे हैं। इस अवसर पर हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की पांवटा साहिब इकाई के अध्यक्ष सतीश गोयल सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
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सतत विकास के लिए स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शोध पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। श्री गुरु गोबिंद सिंह राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब में भारतीय अर्थव्यवस्था के बदलते वैश्विक परिदृश्य, अवसरों और चुनौतियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ। अर्थशास्त्र विभाग ने वाणिज्य विभाग के सहयोग से 16 और 17 अक्तूबर को सम्मेलन आयोजित किया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। इसमें देशभर से करीब 300 शिक्षाविद्, शोधार्थी, उद्योग विशेषज्ञ और नीति निर्माता ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से भाग ले रहे हैं।
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सम्मेलन के पहले दिन भारतीय अर्थव्यवस्था में बदलाव, तकनीकी नवाचार, ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय असमानताओं और सतत विकास पर चर्चा हुई। हिमाचल की अर्थव्यवस्था और सतत विकास पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य अतिथि प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध, अंतर्विषयक सहयोग और अकादमिक उत्कृष्टता वर्तमान समय की जरूरत हैं। आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में डेटा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों की भूमिका बढ़ रही है। उन्होंने सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और हाइड्रोजन ऊर्जा जैसे स्वच्छ विकल्पों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
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सम्मेलन में मुख्य वक्ता एसपीयू मंडी के पूर्व कुलपति प्रो. सीएल चंदन और आईआईएम सिरमौर के प्रो. एसएस पटनायक ने विचार रखे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के शिक्षाविद्, प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी अपने शोधपत्र व विचार प्रस्तुत कर रहे हैं। इस अवसर पर हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की पांवटा साहिब इकाई के अध्यक्ष सतीश गोयल सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

पांवटा साहिब में भारतीय अर्थव्यवस्था व वैश्विक परिदृश्य पर राष्ट्रीय स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला