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कैसे हुई हाथी की मौत, नहीं उठा रहस्य से पर्दा

Sat, 25 Feb 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो पांवटा
अमर उजाला ब्यूराो पांवटा Updated Sat, 25 Feb 2017 11:49 PM IST
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how elephant died, case mystery is not solved
elephant - फोटो : AmarUjala

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पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा के बहराल में लगभग एक महीने पहले एक हाथी संदिग्ध रूप से मृत मिला था। हाथी का पोस्टमार्टम करवाने के बाद सैंपल एफएसएल लैब को भेज दिए गए ताकि हाथी की मौत के कारणों का पता चल सके, लेकिन अब तक भी लैब की रिपोर्ट नहीं पहुंची है। हाथी की मौत के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। लैब से टेस्ट रिपोर्ट की फीस के लिए पत्र पहुंचा है। इसके बाद वन विभाग ने जरूरी राशि का ड्राफ्ट लैब को भेज दिया है।
फीस जमा करवाने के बाद एफएसएल लैब से रिपोर्ट मिल सकेगी। 

बता दें कि 24 जनवरी 2017 को बहराल में एक हाथी संदिग्ध रुप से खेत में मृत मिला। ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि गेहूं में छिड़की गई कीटनाशक दवा से हाथी मरा होगा। इस मामले में डीएफओ के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। इस टीम की देखरेख में मृत हाथी के पोस्टमार्टम से दफनाने तक की वीडियोग्राफी की गई। 25 जनवरी को सुबह पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई है। उत्तराखंड के राजाजी पार्क देहरादून से सीनियर वैटनरी डॉक्टर अदिति शर्मा व स्थानीय वैटनरी डॉक्टर अमित राजटा की टीम ने हाथी का पोस्टमार्टम किया। सैंपल दो लैब में भेजे जिसमें, वाइल्ड लाइफ  इंस्टीट्यूट देहरादून तथा बरेली आईडीआरआई शामिल है लेकिन अब तक लैब से रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। 
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उधर, डीएफओ पांवटा एसएस राणा ने पुष्टि की है। डीएफओ ने कहा कि देहरादून एफएसएल लैब से पत्र मिला था जिसमें लैब की फीस करीब 1750 राशि जमा करवाने को कहा गया। अब, राशि का ड्राफ्ट बना कर लैब को भेज दिया है। एक सप्ताह के भीतर मृत मिले हाथी की लैब से रिपोर्ट मिल जाएगी।
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