{"_id":"5a6df33b4f1c1b8c268b6f04","slug":"161517155131-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी बिलों पर राज्य से बाहर जा रही खनन सामग्री","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी बिलों पर राज्य से बाहर जा रही खनन सामग्री
Updated Sun, 28 Jan 2018 11:06 PM IST
विज्ञापन
गर्ब्यांग से लखनपुर के लिए रोड की कटिंग करती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन/ पांवटा साहिब (सिरमौर)।
फर्जी बिल और एम फार्म के जरिए हिमाचल की खनन सामग्री दूसरे राज्यों में सप्लाई हो रही है। इससे हिमाचल सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। सिरमौर पुलिस ने उत्तराखंड में छापेमारी कर मामले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है जिनमें से एक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन तेज कर दी है।
सिरमौर के पांवटा से होकर उत्तराखंड के लिए खनन सामग्री सप्लाई होती है। शातिर फर्जी एमफार्म और फर्जी बिल बनाकर राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे थे। पुलिस के पास इसकी शिकायतें पहुंची। हालांकि, एक महीने पहले भी पुलिस ने उत्तराखंड में छापेमारी की थी लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल सकी। पुलिस ने इस गोरखधंधे में संलिप्त दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रोहित गोयल नामक एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर छानबीन की जा रही है।
पुलिस ने सुनियोजित तरीके से छापेमारी कर आरोपी को दबोचा। उसके कब्जे से स्टैंप, बिल और एम फार्म भी बरामद किए गए हैं जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह माइनिंग गार्ड की शिकायत पर पुलिस ने उत्तराखंड में छापेमारी की जिसमें रोहित गोयल को हिरासत में लिया गया है और इसका दूसरा साथी आमिर खान फरार है। पुलिस के अनुसार यह लोग वाहन चालकों को फर्जी बिल और फर्जी एमफार्म बनाकर देते थे जिसके जरिए हिमाचल से खनन सामग्री बिना आसानी से उत्तराखंड पहुंच जाती थी। इससे हिमाचल सरकार को राजस्व के रूप में करोड़ों का चूना लग रहा था।
विज्ञापन
पुलिस ने भादंसं की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी रोहित मालपानी ने बताया कि एसएचओ पांवटा अशोक कुमार की अगुवाई में यह छापेमारी हुई। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। इसमें कुछ और खुलासे भी हो सकते हैं।
----------
‘अमर उजाला’ ने उठाया था मामला
पांवटा साहिब (सिरमौर)। फर्जी दस्तावेजों के जरिए खनन सामग्री की सप्लाई से करोड़ों को चूना लगाने का मामला ‘अमर उजाला’ ने पहले भी उठाया है। 19 जनवरी के अंक में ‘खनन पट्टे के एमफार्म पर हो रहे फर्जी हस्ताक्षर...’शीर्षक के साथ यह मामला उठाया गया। इसमें जिला खनन अधिकारी को एक गुप्त शिकायत भेजी गई थी जिसमें फर्जी हस्ताक्षर का मामला उठाया गया था। अब इस मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर बाकायदा फर्जी बिल और एमफार्म भी बरामद किए हैं।
विज्ञापन
नाहन/ पांवटा साहिब (सिरमौर)।
फर्जी बिल और एम फार्म के जरिए हिमाचल की खनन सामग्री दूसरे राज्यों में सप्लाई हो रही है। इससे हिमाचल सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। सिरमौर पुलिस ने उत्तराखंड में छापेमारी कर मामले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है जिनमें से एक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन तेज कर दी है।
सिरमौर के पांवटा से होकर उत्तराखंड के लिए खनन सामग्री सप्लाई होती है। शातिर फर्जी एमफार्म और फर्जी बिल बनाकर राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे थे। पुलिस के पास इसकी शिकायतें पहुंची। हालांकि, एक महीने पहले भी पुलिस ने उत्तराखंड में छापेमारी की थी लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल सकी। पुलिस ने इस गोरखधंधे में संलिप्त दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रोहित गोयल नामक एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
पुलिस ने सुनियोजित तरीके से छापेमारी कर आरोपी को दबोचा। उसके कब्जे से स्टैंप, बिल और एम फार्म भी बरामद किए गए हैं जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह माइनिंग गार्ड की शिकायत पर पुलिस ने उत्तराखंड में छापेमारी की जिसमें रोहित गोयल को हिरासत में लिया गया है और इसका दूसरा साथी आमिर खान फरार है। पुलिस के अनुसार यह लोग वाहन चालकों को फर्जी बिल और फर्जी एमफार्म बनाकर देते थे जिसके जरिए हिमाचल से खनन सामग्री बिना आसानी से उत्तराखंड पहुंच जाती थी। इससे हिमाचल सरकार को राजस्व के रूप में करोड़ों का चूना लग रहा था।
विज्ञापन
पुलिस ने भादंसं की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी रोहित मालपानी ने बताया कि एसएचओ पांवटा अशोक कुमार की अगुवाई में यह छापेमारी हुई। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। इसमें कुछ और खुलासे भी हो सकते हैं।
----------
‘अमर उजाला’ ने उठाया था मामला
पांवटा साहिब (सिरमौर)। फर्जी दस्तावेजों के जरिए खनन सामग्री की सप्लाई से करोड़ों को चूना लगाने का मामला ‘अमर उजाला’ ने पहले भी उठाया है। 19 जनवरी के अंक में ‘खनन पट्टे के एमफार्म पर हो रहे फर्जी हस्ताक्षर...’शीर्षक के साथ यह मामला उठाया गया। इसमें जिला खनन अधिकारी को एक गुप्त शिकायत भेजी गई थी जिसमें फर्जी हस्ताक्षर का मामला उठाया गया था। अब इस मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर बाकायदा फर्जी बिल और एमफार्म भी बरामद किए हैं।