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धमकी मिलने पर ट्रांसफर मांग रहा फॉरेस्ट गार्ड
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:45 PM IST
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संजय भारद्वाज
नाहन (सिरमौर)।
शिलाई उपमंडल के अंतर्गत आने वाली लौजा बीट में कार्यरत फॉरेस्ट गार्ड जोगिंद्र सिंह को धमकियां मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले में उपायुक्त के आदेश पर एसडीएम ने मामले की जांच की और वन रक्षक के बयान दर्ज किए। बीओ, आरओ और वन रक्षक को एसडीएम ने अपने कार्यालय में बुलाया। जांच में पता चला है कि अवैध कटान रोकने पर वन रक्षक को धमकियां मिल रही हैं।
पुलिस थाना में भी इसकी शिकायत दर्ज करवाई गई है लेकिन पुलिस में एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई। इससे पुुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। एसडीएम ने एसएचओ शिलाई को लिखित आदेश जारी कर शिकायत पर कार्रवाई करने को कहा है।
गौरतलब है कि जोगिंद्र सिंह को अवैध कटान रोकने के मामले में धमकियां मिल रही हैं। गत दिवस हुई प्रशासन की बैठक में यह मामला उठा तो उपायुक्त ने सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश दिए। मंगलवार को एसडीएम ने वन रक्षक के बयान दर्ज किए। वन रक्षक ने अपने बयान में कहा है कि उसे अक्सर धमकियां मिल रही है। 17 फरवरी को भी उन्होंने दो व्यक्तियों की टीडी के पेड़ मार्क किए लेकिन एक व्यक्ति ने टीडी के पेड़ के अलावा तीन और पेड़ काट दिए।
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उन्होंने मौके पर जाकर लकड़ी जब्त की और शिलाई थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई लेकिन पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। अवैध अतिक्रमण हटाने गए तो ग्रामीणों ने उसके साथ मारपीट ही कर दी। जोगिंद्र के अनुसार उन्होंने अपने तबादले की भी विभाग से गुजारिश की है लेकिन इस पर भी अभी तक कुछ नहीं हुआ। वह अकेले करीब 2200 हेक्टेयर क्षेत्र का जिम्मा संभाल रहे हैं। इतने बड़े क्षेत्र की जिम्मेदारी अकेले निभाना मुश्किल है। सहायता के लिए सिर्फ एक चौकीदार ही मुहैया करवाया गया है। जोगिंद्र ने दो साल में लगभग 35-45 डैमेज रिपोर्ट भी दर्ज करवाई है।
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बॉक्स के लिए--
एसडीएम शिलाई योगेश चौहान ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। बीओ, आरओ और वन रक्षक को आज कार्यालय बुलाया गया है। सभी के बयान दर्ज किए गए हैं। एसएचओ को पत्र जारी कर मामले की जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इसकी प्रति डीसी, डीएफओ, एसपी को भी भेजी गई है।
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सुरक्षा लेने से वन रक्षक का इंकार
लगभग 2200 हेक्टेयर को जिम्मा संभालने वाले वन रक्षक जोगिंद्र ने सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया है। हालांकि, उपायुक्त के आदेश पर सुरक्षा मुहैया करवाई जा रही थी लेकिन जोगिंद्र सिंह ने अपने बयान में कहा है कि अभी उसे सुरक्षा की जरूरत महसूस नहीं हो रही है।
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एसपी रोहित मालपानी ने बताया कि वन रक्षक ने किसी भी नामजद व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। उन्होंने केवल धमकी मिलने और अपना स्थानांतरण कराने की बात लिखी है। पुलिस हर पहलू की छानबीन कर रही है।
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नाहन (सिरमौर)।
शिलाई उपमंडल के अंतर्गत आने वाली लौजा बीट में कार्यरत फॉरेस्ट गार्ड जोगिंद्र सिंह को धमकियां मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले में उपायुक्त के आदेश पर एसडीएम ने मामले की जांच की और वन रक्षक के बयान दर्ज किए। बीओ, आरओ और वन रक्षक को एसडीएम ने अपने कार्यालय में बुलाया। जांच में पता चला है कि अवैध कटान रोकने पर वन रक्षक को धमकियां मिल रही हैं।
पुलिस थाना में भी इसकी शिकायत दर्ज करवाई गई है लेकिन पुलिस में एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई। इससे पुुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। एसडीएम ने एसएचओ शिलाई को लिखित आदेश जारी कर शिकायत पर कार्रवाई करने को कहा है।
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गौरतलब है कि जोगिंद्र सिंह को अवैध कटान रोकने के मामले में धमकियां मिल रही हैं। गत दिवस हुई प्रशासन की बैठक में यह मामला उठा तो उपायुक्त ने सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश दिए। मंगलवार को एसडीएम ने वन रक्षक के बयान दर्ज किए। वन रक्षक ने अपने बयान में कहा है कि उसे अक्सर धमकियां मिल रही है। 17 फरवरी को भी उन्होंने दो व्यक्तियों की टीडी के पेड़ मार्क किए लेकिन एक व्यक्ति ने टीडी के पेड़ के अलावा तीन और पेड़ काट दिए।
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उन्होंने मौके पर जाकर लकड़ी जब्त की और शिलाई थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई लेकिन पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। अवैध अतिक्रमण हटाने गए तो ग्रामीणों ने उसके साथ मारपीट ही कर दी। जोगिंद्र के अनुसार उन्होंने अपने तबादले की भी विभाग से गुजारिश की है लेकिन इस पर भी अभी तक कुछ नहीं हुआ। वह अकेले करीब 2200 हेक्टेयर क्षेत्र का जिम्मा संभाल रहे हैं। इतने बड़े क्षेत्र की जिम्मेदारी अकेले निभाना मुश्किल है। सहायता के लिए सिर्फ एक चौकीदार ही मुहैया करवाया गया है। जोगिंद्र ने दो साल में लगभग 35-45 डैमेज रिपोर्ट भी दर्ज करवाई है।
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बॉक्स के लिए--
एसडीएम शिलाई योगेश चौहान ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। बीओ, आरओ और वन रक्षक को आज कार्यालय बुलाया गया है। सभी के बयान दर्ज किए गए हैं। एसएचओ को पत्र जारी कर मामले की जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इसकी प्रति डीसी, डीएफओ, एसपी को भी भेजी गई है।
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सुरक्षा लेने से वन रक्षक का इंकार
लगभग 2200 हेक्टेयर को जिम्मा संभालने वाले वन रक्षक जोगिंद्र ने सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया है। हालांकि, उपायुक्त के आदेश पर सुरक्षा मुहैया करवाई जा रही थी लेकिन जोगिंद्र सिंह ने अपने बयान में कहा है कि अभी उसे सुरक्षा की जरूरत महसूस नहीं हो रही है।
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एसपी रोहित मालपानी ने बताया कि वन रक्षक ने किसी भी नामजद व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। उन्होंने केवल धमकी मिलने और अपना स्थानांतरण कराने की बात लिखी है। पुलिस हर पहलू की छानबीन कर रही है।