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गुरूजी नदारद, ग्रामीणों ने जड़े स्कूल में ताले
Updated Mon, 05 Feb 2018 10:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)।
उपमंडल शिलाई की क्यारी-गुंडाह पंचायत के राजकीय प्राथमिक पाठशाला डोहर में सोमवार को कोई भी शिक्षक नहीं पहुंचा। इससे गुस्साएं ग्रामीणों ने स्कूल में ताले लगा दिए। स्कूल दरवाजे पर लगे शिक्षा विभाग के ताले पर ही दूसरा ताला लगा दिया गया। हालांकि सूचना मिलते ही खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी बकरास ने मौके पर ग्रामीणों से ताले खोलने का आग्रह किया लेकिन गुस्साए लोगों ने उनकी बात नहीं मानी।
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि जब तक स्कूल के लिए नियमित शिक्षक नहीं भेजा जाता तब तक स्कूल का ताला नहीं खोला जाएगा। शिक्षा उप निदेशक स्वयं मौके पर आकर इसका समाधान करें।
सोमवार को जब 12 बजे तक स्कूल में कोई शिक्षक नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों को गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर बच्चों की छुट्टी कर दी और स्कूल के दरवाजों पर लगे तालों पर अपने ताले लगा लिए।
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स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष धनबीर सिंह, गुमान सिंह, प्रताप सिंह, कमलेश ठाकुर, वार्ड सदस्य खेवटा राम, रमेश चंद, तोता राम ने बताया कि इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 46 है। जबकि शिक्षक एक ही तैनात किया गया है। वह भी एसएमसी के माध्यम से रखा गया है। इस स्कूल के लिए एक नियमित शिक्षक भी भेजा गया लेकिन, उसकी ड्यूटी प्राथमिक पाठशाला दुडेच में लगा दी है। हैरत यह है कि दुडेच में महज छह विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जबकि शिक्षकों की संख्या दो है।
दूसरी ओर डोहर स्कूल में 46 बच्चों के लिए एक शिक्षक ही दिया गया है, वह भी एसएमसी पर रखा गया है। ऐसे में यहां के बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है। एसएमसी अध्यक्ष व ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से मांग की जा रही है लेकिन इस मांग पर न शिक्षा विभाग गौर फरमा रहा है न सरकार।
उधर, बकरास में तैनात खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कुंदन सिंह ने स्कूल में ताले लगने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही वह केंद्रीय मुख्य अध्यापक को लेकर स्कूल पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने उनकी बात नहीं मानी। इस बारे में उप शिक्षा निदेशक को अवगत करवा दिया गया है।
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शिलाई (सिरमौर)।
उपमंडल शिलाई की क्यारी-गुंडाह पंचायत के राजकीय प्राथमिक पाठशाला डोहर में सोमवार को कोई भी शिक्षक नहीं पहुंचा। इससे गुस्साएं ग्रामीणों ने स्कूल में ताले लगा दिए। स्कूल दरवाजे पर लगे शिक्षा विभाग के ताले पर ही दूसरा ताला लगा दिया गया। हालांकि सूचना मिलते ही खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी बकरास ने मौके पर ग्रामीणों से ताले खोलने का आग्रह किया लेकिन गुस्साए लोगों ने उनकी बात नहीं मानी।
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि जब तक स्कूल के लिए नियमित शिक्षक नहीं भेजा जाता तब तक स्कूल का ताला नहीं खोला जाएगा। शिक्षा उप निदेशक स्वयं मौके पर आकर इसका समाधान करें।
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सोमवार को जब 12 बजे तक स्कूल में कोई शिक्षक नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों को गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर बच्चों की छुट्टी कर दी और स्कूल के दरवाजों पर लगे तालों पर अपने ताले लगा लिए।
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स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष धनबीर सिंह, गुमान सिंह, प्रताप सिंह, कमलेश ठाकुर, वार्ड सदस्य खेवटा राम, रमेश चंद, तोता राम ने बताया कि इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 46 है। जबकि शिक्षक एक ही तैनात किया गया है। वह भी एसएमसी के माध्यम से रखा गया है। इस स्कूल के लिए एक नियमित शिक्षक भी भेजा गया लेकिन, उसकी ड्यूटी प्राथमिक पाठशाला दुडेच में लगा दी है। हैरत यह है कि दुडेच में महज छह विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जबकि शिक्षकों की संख्या दो है।
दूसरी ओर डोहर स्कूल में 46 बच्चों के लिए एक शिक्षक ही दिया गया है, वह भी एसएमसी पर रखा गया है। ऐसे में यहां के बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है। एसएमसी अध्यक्ष व ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से मांग की जा रही है लेकिन इस मांग पर न शिक्षा विभाग गौर फरमा रहा है न सरकार।
उधर, बकरास में तैनात खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कुंदन सिंह ने स्कूल में ताले लगने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही वह केंद्रीय मुख्य अध्यापक को लेकर स्कूल पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने उनकी बात नहीं मानी। इस बारे में उप शिक्षा निदेशक को अवगत करवा दिया गया है।