{"_id":"68b842899fd45a94090284c0","slug":"30-percent-electricity-production-in-giri-scheme-nahan-news-c-177-1-ssml1028-158745-2025-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: भरपूर पानी के बावजूद भी 30 मेगावाट पर सिमटा उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: भरपूर पानी के बावजूद भी 30 मेगावाट पर सिमटा उत्पादन
विज्ञापन
गिरि जलविद्युत परियोजना में भारी वर्षा के बावजूद भी शतप्रतिशत उत्पादन नहीं
तकनीकी खराबी के कारण एक टरबाइन को रखा गया बंद
योगेंद्र अग्रवाल
ददाहू (सिरमौर)। राज्य बिजली बोर्ड के कमाऊ पूत गिरि जल विद्युत परियोजना में भारी वर्षा के बावजूद भी शतप्रतिशत उत्पादन संभव न होने से लाखों रुपए प्रतिदिन की हानि सहन करनी पड़ रही है। भारी वर्षा के चलते जहां गिरि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, वहीं परियोजना में उत्पादन मात्र 30 फीसदी पर ही सिमटा हुआ है। भरपूर मात्रा में पानी उपलब्ध होने के बावजूद भी उत्पादन में भारी कमी आई है। इस कारण राज्य बिजली बोर्ड को लाखों रुपए की क्षति सहन करनी पड़ रही है।
ज्ञात हुआ कि परियोजना में स्थापित दो विशाल टरबाइन मशीनों में से एक टरबाइन मशीन पिछले कुछ समय से खराब पड़ी हुई है। मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण उसे बंद रखा गया है। इस कारण एक टरबाइन मशीन से ही 30 मेगावाट उत्पादन पर काम लिया जा रहा है। हालांकि यह बारिश विद्युत उत्पादन के लिए वरदान साबित होनी थी लेकिन एक टरबाइन के खराब होने के चलते 60 की बजाय 30 मेगावाट का उत्पादन ही संभव हो पा रहा है। इससे 30 मेगावाट उत्पादन की चपत एक मुश्त सहन करनी पड़ रही है।
यही नहीं, गिरि नदी में पानी के साथ-साथ सिल्ट का समावेश बढ़ने के कारण दूसरी टरबाइन मशीन से भी रुक-रुक का काम लिया जा रहा है। बुधवार दोपहर बाद भी गिरि नदी के पानी में शिल्ट (गाद) का समावेश कई अधिक होने के कारण दूसरी टरबाइन मशीन को भी बंद रखा गया। इससे उत्पादन कई घंटों तक ठप रहा।
विज्ञापन
परियोजना के आरई अजय चौधरी ने बताया कि एक टरबाइन मशीन को तकनीकी खराबी के कारण बंद रखा गया है। इसकी मरम्मत के टेंडर आमंत्रित कर दिए गए हैं। फिलहाल एक टरबाइन मशीन के सहारे ही 30 मेगावाट पर उत्पादन संभव हो रहा है।
-- -संवाद
विज्ञापन
तकनीकी खराबी के कारण एक टरबाइन को रखा गया बंद
योगेंद्र अग्रवाल
ददाहू (सिरमौर)। राज्य बिजली बोर्ड के कमाऊ पूत गिरि जल विद्युत परियोजना में भारी वर्षा के बावजूद भी शतप्रतिशत उत्पादन संभव न होने से लाखों रुपए प्रतिदिन की हानि सहन करनी पड़ रही है। भारी वर्षा के चलते जहां गिरि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, वहीं परियोजना में उत्पादन मात्र 30 फीसदी पर ही सिमटा हुआ है। भरपूर मात्रा में पानी उपलब्ध होने के बावजूद भी उत्पादन में भारी कमी आई है। इस कारण राज्य बिजली बोर्ड को लाखों रुपए की क्षति सहन करनी पड़ रही है।
ज्ञात हुआ कि परियोजना में स्थापित दो विशाल टरबाइन मशीनों में से एक टरबाइन मशीन पिछले कुछ समय से खराब पड़ी हुई है। मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण उसे बंद रखा गया है। इस कारण एक टरबाइन मशीन से ही 30 मेगावाट उत्पादन पर काम लिया जा रहा है। हालांकि यह बारिश विद्युत उत्पादन के लिए वरदान साबित होनी थी लेकिन एक टरबाइन के खराब होने के चलते 60 की बजाय 30 मेगावाट का उत्पादन ही संभव हो पा रहा है। इससे 30 मेगावाट उत्पादन की चपत एक मुश्त सहन करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
यही नहीं, गिरि नदी में पानी के साथ-साथ सिल्ट का समावेश बढ़ने के कारण दूसरी टरबाइन मशीन से भी रुक-रुक का काम लिया जा रहा है। बुधवार दोपहर बाद भी गिरि नदी के पानी में शिल्ट (गाद) का समावेश कई अधिक होने के कारण दूसरी टरबाइन मशीन को भी बंद रखा गया। इससे उत्पादन कई घंटों तक ठप रहा।
विज्ञापन
परियोजना के आरई अजय चौधरी ने बताया कि एक टरबाइन मशीन को तकनीकी खराबी के कारण बंद रखा गया है। इसकी मरम्मत के टेंडर आमंत्रित कर दिए गए हैं। फिलहाल एक टरबाइन मशीन के सहारे ही 30 मेगावाट पर उत्पादन संभव हो रहा है।