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बिना डीजल थम गए 108 एंबुलेंस के पहिये
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नाहन (सिरमौर)। सिरमौर में 108 एंबुलेंस सेवाएं लड़खड़ाने लगी हैं। वीरवार को दिनभर मरीजों को एंबुलेंस की सेवाएं नहीं मिल पाईं। इससे मरीज व तीमारदारों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। मेडिकल कॉलेज नाहन में दो एंबुलेंस दिनभर खड़ी रहीं। एंबुलेंस में डीजल न होने के कारण मरीजों को ये सुविधा नहीं मिली।
लिहाजा, कई मरीजों को किराये का वाहन लेकर अस्पताल पहुंचना पड़ा। जानकारी के अनुसार लंबित राशि का भुगतान न होने से पेट्रोल पंप संचालकों ने एंबुलेंस को ईंधन देना बंद कर दिया है। ऐसे में मरीज परेशानियों से दोचार हो रहे हैं। हालांकि, यह कोई पहली बार नहीं हुआ है जब एंबुलेंस ईंधन के अभाव में खड़ी हैं। इससे पहले भी यह समस्या कई बार सामने आ चुकी है। पांवटा उपमंडल के तहत आने वाले सिविल अस्पताल पांवटा, माजरा, राजपुर आदि स्वास्थ्य संस्थानों के बाहर सात एंबुलेंस दिनभर खड़ी रहीं। रात से ही यहां एंबुलेंस ने सेवाएं देनी बंद कर दीं। लिहाजा, सिरमौर में अब एंबुलेंस सेवाएं लड़खड़ाने लगी हैं। मरीजों को अब पहले जैसी सुविधा नहीं मिल रही है। उधर, प्रोग्राम मैनेजर आकाशदीप ने बताया कि ईंधन के अभाव में एंबुलेंस खड़ी हैं। जल्द ही इसका समाधान कर लिया जाएगा।
लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं दे रही एंबुलेंस ही अब परेशानी बनने लगी हैं। एंबुलेंस कभी ईंधन के बिना खड़ी हो रही हैं तो कभी टायर संबंधी परेशानियां सामने आ रही हैं। 108 एंबुलेंस ही नहीं 102 एंबुलेंस का भी यही हाल है। शिलाई क्षेत्र में 102 एंबुलेंस टायर के अभाव में खड़ी है। नए टायर न मिलने से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने और घर ले जाने संबंधी समस्याएं हो रही हैं। तीन दिन पहले ही 102 एंबुलेंस न मिलने से तीमारदारों को निजी वाहन लेकर मरीज को अस्पताल लाना पड़ा। बाद में घर ले जाने के लिए भी किराये का वाहन करना पड़ा। सिरमौर में अभी तक पुरानी एंबुलेंस ही सेवाएं दे रही हैं। ऐसे में जीवनदायिनी ही अपने जीवन के लिए तरस रही है। कई बार तकनीकी खराबी के कारण भी एंबुलेंस सेवाएं बंद हो रही हैं।
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लिहाजा, कई मरीजों को किराये का वाहन लेकर अस्पताल पहुंचना पड़ा। जानकारी के अनुसार लंबित राशि का भुगतान न होने से पेट्रोल पंप संचालकों ने एंबुलेंस को ईंधन देना बंद कर दिया है। ऐसे में मरीज परेशानियों से दोचार हो रहे हैं। हालांकि, यह कोई पहली बार नहीं हुआ है जब एंबुलेंस ईंधन के अभाव में खड़ी हैं। इससे पहले भी यह समस्या कई बार सामने आ चुकी है। पांवटा उपमंडल के तहत आने वाले सिविल अस्पताल पांवटा, माजरा, राजपुर आदि स्वास्थ्य संस्थानों के बाहर सात एंबुलेंस दिनभर खड़ी रहीं। रात से ही यहां एंबुलेंस ने सेवाएं देनी बंद कर दीं। लिहाजा, सिरमौर में अब एंबुलेंस सेवाएं लड़खड़ाने लगी हैं। मरीजों को अब पहले जैसी सुविधा नहीं मिल रही है। उधर, प्रोग्राम मैनेजर आकाशदीप ने बताया कि ईंधन के अभाव में एंबुलेंस खड़ी हैं। जल्द ही इसका समाधान कर लिया जाएगा।
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लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं दे रही एंबुलेंस ही अब परेशानी बनने लगी हैं। एंबुलेंस कभी ईंधन के बिना खड़ी हो रही हैं तो कभी टायर संबंधी परेशानियां सामने आ रही हैं। 108 एंबुलेंस ही नहीं 102 एंबुलेंस का भी यही हाल है। शिलाई क्षेत्र में 102 एंबुलेंस टायर के अभाव में खड़ी है। नए टायर न मिलने से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने और घर ले जाने संबंधी समस्याएं हो रही हैं। तीन दिन पहले ही 102 एंबुलेंस न मिलने से तीमारदारों को निजी वाहन लेकर मरीज को अस्पताल लाना पड़ा। बाद में घर ले जाने के लिए भी किराये का वाहन करना पड़ा। सिरमौर में अभी तक पुरानी एंबुलेंस ही सेवाएं दे रही हैं। ऐसे में जीवनदायिनी ही अपने जीवन के लिए तरस रही है। कई बार तकनीकी खराबी के कारण भी एंबुलेंस सेवाएं बंद हो रही हैं।
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