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कहीं जान पर भारी न पड़ जाए सेल्फी का क्रेज
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:57 PM IST
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यमुनाघाट में सेल्फी लेते पर्यटक।
- फोटो : अमर उजाला ब्य़ूरो
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। जिले में चार दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण गिरि और टौंस नदी सहित यमुना की सहायक नदियों का जलस्तर उफान पर है। यमुनाघाट में नदी की लहरें उफान पर पहुंच चुकी हैं। हिमाचल और उत्तराखंड सरकार के प्रशासनिक अधिकारी बरसात शुरू होने से पहले ही नदियों में नहीं उतरने की चेतावनी जारी कर चुके हैं। इसके बावजूद पर्यटकों और युवाओं पर इसका खास असर नजर नहीं आ रहा है। यमुनाघाट पर लहरों के एकदम समीप खड़े होकर सेल्फी और फोटो सेशन चल रहा है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
पांवटा और शिलाई क्षेत्र के मामराज शर्मा, हरप्रीत सिंह, जुल्फकार अली, खतरी ठाकुर, दिनेश शर्मा, मनजीत सिंह, प्रवेश शर्मा, जीएस नेगी, सुरेंद्र चौहान और रामकिशन ने कहा कि बारिश के कारण यमुना नदी की सहायक नदियों में जल स्तर काफी बढ़ गया है। यमुनाघाट में जल स्तर बढ़ने से पांच सीढ़ियों तक पानी पहुंच रहा है। इसके बावजूद बाहरी राज्यों से पहुंचने वाले पर्यटक और स्थानीय युवा वर्ग पानी में उतर कर लहरों के समीप जाकर सेल्फी ले रहे हैं, जबकि यमुना नदी में एक दशक में 30 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि यहां प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड भी लगाया था, जो अब यहां नहीं है। क्षेत्रवासियों ने यहां पुलिस, होमगार्ड जवान और गोताखोर तैनात करने की मांग की है। उधर, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा ने कहा कि प्रशासन की ओर से चेतावनी जारी कर लोगों को नदियों से दूर रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि इसके बारे में पुलिस और नगर परिषद को उचित कदम उठाने को कहा जा रहा है।
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पांवटा और शिलाई क्षेत्र के मामराज शर्मा, हरप्रीत सिंह, जुल्फकार अली, खतरी ठाकुर, दिनेश शर्मा, मनजीत सिंह, प्रवेश शर्मा, जीएस नेगी, सुरेंद्र चौहान और रामकिशन ने कहा कि बारिश के कारण यमुना नदी की सहायक नदियों में जल स्तर काफी बढ़ गया है। यमुनाघाट में जल स्तर बढ़ने से पांच सीढ़ियों तक पानी पहुंच रहा है। इसके बावजूद बाहरी राज्यों से पहुंचने वाले पर्यटक और स्थानीय युवा वर्ग पानी में उतर कर लहरों के समीप जाकर सेल्फी ले रहे हैं, जबकि यमुना नदी में एक दशक में 30 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि यहां प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड भी लगाया था, जो अब यहां नहीं है। क्षेत्रवासियों ने यहां पुलिस, होमगार्ड जवान और गोताखोर तैनात करने की मांग की है। उधर, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा ने कहा कि प्रशासन की ओर से चेतावनी जारी कर लोगों को नदियों से दूर रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि इसके बारे में पुलिस और नगर परिषद को उचित कदम उठाने को कहा जा रहा है।
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