{"_id":"5ab3c1bd4f1c1bc0758b6e46","slug":"181521729981-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेकेदार पर लगे 24 मजदूरों के तीन लाख डकारने के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेकेदार पर लगे 24 मजदूरों के तीन लाख डकारने के आरोप
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:23 PM IST
विज्ञापन
2000 rupees
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। शहर के एक ठेकेदार पर तीन लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। जम्मू-कश्मीर निवासी नजीर अहमद भट्ट ने इस संदर्भ में नेशनल ह्यूमन राइट स्टेट यूनिट जम्मू एंड कश्मीर के माध्यम से पुलिस अधीक्षक सिरमौर को एक लिखित शिकायत भी भेजी है जिसमें नाहन निवासी वन ठेकेदार शाहिद खान पर 24 मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान न करने के आरोप लगाए गए हैं।
नजीर अहमद ने बताया कि उसके साथ जम्मू-कश्मीर के साथ आए 24 मजदूरों ने जनवरी और फरवरी माह में ठेकेदार शाहिद खान के लिए काम किया था। इस दौरान उन्होंने सैनवाला के निकट 2000 क्विंटल लकड़ी काटी थी। इसकी तीन लाख रुपये की राशि ठेकेदार के पास बकाया पड़ी है। अब ठेकेदार उस राशि को देने से मना कर रहा है।
नजीर ने बताया कि पहले ठेकेदार फोन उठा लेता था लेकिन अब उसने फोन उठाने भी बंद कर दिए हैं। उसने बताया कि जब ठेकेदार फोन उठा रहा था तो उसने उसके साथ अभद्र व्यवहार भी किया तथा पैसे देने से साफ मना कर दिया। उसने कहा कि वह सभी गरीब मजदूर हैं जो अपना पेट पालने के लिए इतनी दूर से यहां आए थे।
विज्ञापन
उधर, नेशनल ह्यूमन राइट आर्गेनाइजेशन स्टेट यूनिट जम्मू एंड कश्मीर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एमआई जरगार ने पुलिस अधीक्षक सिरमौर से मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है ताकि गरीब मजदूरों को न्याय मिल सके।
विज्ञापन
नाहन (सिरमौर)। शहर के एक ठेकेदार पर तीन लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। जम्मू-कश्मीर निवासी नजीर अहमद भट्ट ने इस संदर्भ में नेशनल ह्यूमन राइट स्टेट यूनिट जम्मू एंड कश्मीर के माध्यम से पुलिस अधीक्षक सिरमौर को एक लिखित शिकायत भी भेजी है जिसमें नाहन निवासी वन ठेकेदार शाहिद खान पर 24 मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान न करने के आरोप लगाए गए हैं।
नजीर अहमद ने बताया कि उसके साथ जम्मू-कश्मीर के साथ आए 24 मजदूरों ने जनवरी और फरवरी माह में ठेकेदार शाहिद खान के लिए काम किया था। इस दौरान उन्होंने सैनवाला के निकट 2000 क्विंटल लकड़ी काटी थी। इसकी तीन लाख रुपये की राशि ठेकेदार के पास बकाया पड़ी है। अब ठेकेदार उस राशि को देने से मना कर रहा है।
विज्ञापन
नजीर ने बताया कि पहले ठेकेदार फोन उठा लेता था लेकिन अब उसने फोन उठाने भी बंद कर दिए हैं। उसने बताया कि जब ठेकेदार फोन उठा रहा था तो उसने उसके साथ अभद्र व्यवहार भी किया तथा पैसे देने से साफ मना कर दिया। उसने कहा कि वह सभी गरीब मजदूर हैं जो अपना पेट पालने के लिए इतनी दूर से यहां आए थे।
विज्ञापन
उधर, नेशनल ह्यूमन राइट आर्गेनाइजेशन स्टेट यूनिट जम्मू एंड कश्मीर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एमआई जरगार ने पुलिस अधीक्षक सिरमौर से मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है ताकि गरीब मजदूरों को न्याय मिल सके।