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सिरमौर में ताजगी के साथ खिला कमल
Updated Mon, 18 Dec 2017 09:17 PM IST
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सिरमौर में ताजगी के साथ खिला कमल
तीन सीटों पर भाजपा, दो पर कांग्रेस जीतीं
2012 की अपेक्षा कांग्रेस को एक सीट बढ़ी
बिंदल की जीत का मार्जिन घटा, सुखराम का बढ़ा
संजय भारद्वाज
नाहन (सिरमौर)।
सिरमौर जिले की सियासी फिजा में भाजपा कमल ताजगी के साथ खिला है। कांग्रेस अपने परंपरागत गढ़ में भले ही पिछड़ कर सिर्फ दो सीटों पर रह गई है लेकिन वर्ष 2012 के मुकाबले इस बार के चुनाव में कांग्रेस ने एक सीट की बढ़त ले ली है। सिरमौर जिले में भाजपा तीन सीटों पर जीत हासिल कर सबसे बड़े दल के रूप में उभर कर सामने आई है, जबकि कांग्रेस को सिर्फ दो सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।
वर्ष 2012 के चुनाव में भी सिरमौर में भाजपा का कमल खिला था। भाजपा ने यहां से पच्छाद, शिलाई और नाहन विधानसभा क्षेत्र में जीत दर्ज की थी। जबकि पांवटा साहिब से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरे चौधरी किरनेश जंग और रेणुका जी से विनय कुमार चुनाव जीते।
इस बार भी भाजपा का आंकड़ा तीन सीटों पर ही सिमट गया। भाजपा ने नाहन, पच्छाद और पांवटा विधानसभा क्षेत्र में जीत दर्ज की। दिलचस्प यह रहा रहा कि पिछले चुनाव में जीत का रिकार्ड बनाकर मार्जिन के मामले में प्रदेश के टॉप-5 नेताओं की लिस्ट में आने वाले डॉ. राजीव बिंदल को कांग्रेस के अजय सोलंकी ने कड़ी टक्कर दी। पिछले चुनाव में लगभग 12 हजार से भी अधिक मतों से विजय हासिल करने वाले भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. राजीव बिंदल इस बार अपना मार्जिन बरकरार नहीं रख पाए। स्ट्रेट फाइट में उनका मार्जन घटकर 4027 तक पहुंच गया।
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वहीं पांवटा में वर्ष 2012 में निर्दलीय प्रत्याशी चौधरी किरनेश जंग से मात खाने वाले भाजपा के सुख राम चौधरी ने अपनी हार का बदला चुका दिया। इस बार किरनेश को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया था लेकिन इसका भी उन्हें फायदा नहीं मिला।
इस बार सुखराम 12,619 मतों से जीतकर हिमाचल में सबसे अधिक मतों से विजय होने वाले नेताओं की लिस्ट में टॉप पर आ गए हैं। उधर, रेणुका विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की आपसी फूट हार का कारण बनी। टिकट आवंटन के बाद पूर्व विधायक हिरदा राम के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का भाजपा को सीधा नुकसान उठाना पड़ा। इससे कांग्रेस के विनय कुमार विजयी हुए। जबकि पच्छाद में पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता जीआर मुसाफिर का जादू फिर नहंीं चल पाया। यहां से युवा नेता सुरेश कश्यप ने बाजी मारी तो शिलाई में लगातार जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस के हर्षवर्धन चौहान ने शानदार वापसी की।
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-----------------भारद्वाज
सिरमौर में ताजगी के साथ खिला कमल
तीन सीटों पर भाजपा, दो पर कांग्रेस जीतीं
2012 की अपेक्षा कांग्रेस को एक सीट बढ़ी
बिंदल की जीत का मार्जिन घटा, सुखराम का बढ़ा
संजय भारद्वाज
नाहन (सिरमौर)।
सिरमौर जिले की सियासी फिजा में भाजपा कमल ताजगी के साथ खिला है। कांग्रेस अपने परंपरागत गढ़ में भले ही पिछड़ कर सिर्फ दो सीटों पर रह गई है लेकिन वर्ष 2012 के मुकाबले इस बार के चुनाव में कांग्रेस ने एक सीट की बढ़त ले ली है। सिरमौर जिले में भाजपा तीन सीटों पर जीत हासिल कर सबसे बड़े दल के रूप में उभर कर सामने आई है, जबकि कांग्रेस को सिर्फ दो सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।
वर्ष 2012 के चुनाव में भी सिरमौर में भाजपा का कमल खिला था। भाजपा ने यहां से पच्छाद, शिलाई और नाहन विधानसभा क्षेत्र में जीत दर्ज की थी। जबकि पांवटा साहिब से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरे चौधरी किरनेश जंग और रेणुका जी से विनय कुमार चुनाव जीते।
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इस बार भी भाजपा का आंकड़ा तीन सीटों पर ही सिमट गया। भाजपा ने नाहन, पच्छाद और पांवटा विधानसभा क्षेत्र में जीत दर्ज की। दिलचस्प यह रहा रहा कि पिछले चुनाव में जीत का रिकार्ड बनाकर मार्जिन के मामले में प्रदेश के टॉप-5 नेताओं की लिस्ट में आने वाले डॉ. राजीव बिंदल को कांग्रेस के अजय सोलंकी ने कड़ी टक्कर दी। पिछले चुनाव में लगभग 12 हजार से भी अधिक मतों से विजय हासिल करने वाले भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. राजीव बिंदल इस बार अपना मार्जिन बरकरार नहीं रख पाए। स्ट्रेट फाइट में उनका मार्जन घटकर 4027 तक पहुंच गया।
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वहीं पांवटा में वर्ष 2012 में निर्दलीय प्रत्याशी चौधरी किरनेश जंग से मात खाने वाले भाजपा के सुख राम चौधरी ने अपनी हार का बदला चुका दिया। इस बार किरनेश को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया था लेकिन इसका भी उन्हें फायदा नहीं मिला।
इस बार सुखराम 12,619 मतों से जीतकर हिमाचल में सबसे अधिक मतों से विजय होने वाले नेताओं की लिस्ट में टॉप पर आ गए हैं। उधर, रेणुका विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की आपसी फूट हार का कारण बनी। टिकट आवंटन के बाद पूर्व विधायक हिरदा राम के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का भाजपा को सीधा नुकसान उठाना पड़ा। इससे कांग्रेस के विनय कुमार विजयी हुए। जबकि पच्छाद में पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता जीआर मुसाफिर का जादू फिर नहंीं चल पाया। यहां से युवा नेता सुरेश कश्यप ने बाजी मारी तो शिलाई में लगातार जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस के हर्षवर्धन चौहान ने शानदार वापसी की।
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