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बद्री डैम में हिमाचल के प्रभावितों को मिलेगा उचित मुआवजा : गडकरी
Updated Thu, 18 Jan 2018 10:28 PM IST
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- फोटो : amarujala
अमर उजाला ब्यूरो
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नाहन (सिरमौर)।
हरियाणा के आदि बद्री में पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव 2018 के शुभारंभ पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी शिरकत की। उन्होंने कहा कि आदि बद्री स्थल उत्तर भारत का एक पुरातन एवं धार्मिक आस्था का केंद्र है।
हिमाचल, हरियाणा और पड़ोसी राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि आदि बद्री में निर्मित होने वाले डैम की तर्ज पर नाहन के समीप मारकंडा के उद्गम स्थल पर भी एक डैम का निर्माण किया जाना चाहिए।
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उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किया कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि आदि बद्री में बनने वाले डैम से हिमाचल क्षेत्र के मात्तर भेड़ों के लोगों का नुकसान न हो। इस डैम से मात्तर भेड़ों के लिए सिंचाई और पेयजल की सुविधा भी दी जानी चाहिए। डॉ. बिंदल ने कहा कि मातरा मंदिर के लिए हिमाचल वाले क्षेत्र के रास्ते को पक्का किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को लाभ हो सके। उन्होंने डैम स्थल का निरीक्षण भी किया।
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केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं जहाज रानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस क्षेत्र के पर्यटन की दृष्टि से विकसित होने पर हिमाचल और हरियाणा के लोगों को बराबर लाभ होगा। सरस्वती नदी के जल प्रबंधन और जलधारा के पुन: प्रवाह के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन हिमाचल वासियों की भूमि डैम स्थल में आएगी, उन्हें उचित मुआवजा देने के साथ उनका पुनर्वास सुनिश्चित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरस्वती की जलधारा को पुन: आरंभ करने के लिए केंद्रीय भू-जल बोर्ड को कार्य आबंटित किया गया है। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कंवर पाल के अलावा सदस्य अखिल भारतीय स्वयं सेवक संघ इंद्रेश कुमार व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।