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Rampur Bushahar News: श्रम कानून लागू न करने पर रामपुर में गरजे कामगार

Fri, 08 Aug 2025 11:03 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:03 PM IST
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Workers in Rampur protested against non implementation of labour laws
त्रिशूल सिक्योरिटी ग्रुप वर्कर्स के कामगारों श्रम कानूनों को लागू न करने पर श्रम विभाग रामपुर क
श्रम विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, जमकर की नारेबाजी
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चेताया, जल्द कार्रवाई नहीं की तो होगा उग्र आंदोलन

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। श्रम कानून लागू न करने पर रामपुर में कामगार गरजे। शुक्रवार को त्रिशूल सिक्योरिटी ग्रुप वर्कर्स यूनियन (संबधित सीटू) इकाई रामपुर के बैनर तले कामगारों ने श्रम विभाग कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान श्रम कानूनों को लागू और प्रदेश सरकार से न्यूनतम वेतन लागू की मांग उठाई। कामगारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द त्रिशूल सिक्योरिटी ग्रुप पर श्रम कानूनों की उल्लंघन को लेकर कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, निर्माण मजदूर यूनियन शिमला जिला के महासचिव दिनेश मेहता, त्रिशूल सिक्योरिटी ग्रुप वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष देवेंद्र और महासचिव टीटू खन्ना ने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार के राज में मजदूरों की खुली लूट हो रही है। मजदूरों के श्रम कानून और देश के संविधान को होते हुए भी त्रिशूल सिक्योरिटी ग्रुप के माध्यम से नियोजित मजदूरों की हालत बंधुआ मजदूरों जैसी है। मजदूरों को प्रबंधन की ओर से सुरक्षा नहीं दी गई है। कार्यस्थलों पर मजदूरों को गुमटी न होने की वजह से खुले आसमान के नीचे अपनी नौकरी करनी पड़ रही। मजदूरों को हिमाचल प्रदेश सरकार के न्यूनतम वेतन का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। मजदूरों को महीने का वेतन 8,000 से 10,000 रुपये के बीच है, जोकि वर्ष 2022 से 2025 तक न्यूनतम वेतन से कम दिए गए वेतन का भुगतान किया गया है। ग्रुप की ओर से मजदूरों से दिन में 12 घंटे ड्यूटी ली जाती है, जोकि सामान्य कार्य दिवस के घंटों (आठ घंटे) की संख्या से अधिक है, वेतन आठ घंटे का न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा है। मजदूरों को साप्ताहिक अवकाश भी नहीं दिया जाता है। मजदूरों की ओर प्रतिदिन चार घंटे ओवरटाइम और साप्ताहिक अवकाश वाले दिन के लिए दैनिक वेतन और 12 घंटे के ओवरटाइम का भुगतान वर्ष 2022 से मांग की है, लेकिन मजदूरों को कुछ नहीं नहीं दिया जा रहा है। वेतन भुगतान से पूर्व वेतन स्लिप भी नहीं दी जाती है। मजदूरों को श्रम विभाग की ओर से सत्यापित आई कार्ड भी नहीं दिए गए हैं। कई मजदूरों का पीएफ, ईएसआई नहीं काटा जा रहा है। त्रिशूल सिक्योरिटी ग्रुप के माध्यम से नियोजित सभी मजदूरों को बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के प्रावधानों के तहत वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए बोनस का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। मजदूरों को आकस्मिक, चिकित्सा और अर्जित अवकाश नहीं दिया जा रहा है। श्रम कानून को लागू करने को लेकर कई बार मजदूरों ने यूनियन के माध्यम से श्रम विभाग रामपुर के समक्ष लिखित और मौखिक रूप से शिकायत भी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मौके पर मिलाप नेगी, राजपाल, जगदीश, दीप कुमार, बबलू राणा, सुंदर सिंह, भगवान दास, हरि सिंह, राजू, दयाल, भीम और राजकुमार सहित कई अन्य मौजूद रहे।
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